अकेले मज़ा लोगे?

प्रेषक : अमित गुप्ता

आप सभी को मेरा यानि अमित का नमस्कार ! मैं आप लोगों को अपनी जिंदगी की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि कैसे मुझे चूत और गांड मारने का शौक लगा।

हमारे ही घर में किराएदार रहते थे विक्रम और सुनयना। विक्रम कॉलेज में पढ़ता था और सुनयना एक कंप्यूटर कंपनी में जॉब करती थी।

बात उन दिनों की है जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में था। परीक्षा के लिए कोचिंग की जरूरत पड़ी तो मैं विक्रम से पढ़ने जाने लगा। दोपहरर के समय विक्रम अकेला होता था, खाली होता था तो उसने मुझे 3 बजे पढ़ने आने को कहा। मैं स्कूल से दो बजे आ जाता था तो मैं रोज 3 बजे विक्रम के पास जाने लगा।

कुछ दिन तो ठीक-ठाक गुजरने गए मगर कुछ दिन बाद मुझे लगने लगा कि जैसे वो जान-बूझ कर मुझसे चिपकता है, मेरे पास आता है, मेरा लण्ड छूने की कोशिश करता है।

मैं अनदेखा करने लगा मगर एक दिन मुझे नींद आ रही थी, मैं पढ़ते-पढ़ते सोने लगा।

विक्रम ने कहा- क्या हुआ?

मैंने कहा- नींद आ रही है !

उसने कहा- यहीं सो जाओ !

मैं उसके पलंग पर ही सो गया। मैं काफी थका हुआ था तो मुझे नींद आ गई। सोते-सोते मुझे मस्ती सी छाने लगी, मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि विक्रम ने मेरी पैंट उतार रखी है और मेरे लण्ड के साथ खेल रहा है, कभी चूस रहा है, कभी चूम रहा है। मुझे अच्छा लग रहा था, मस्ती छा रही थी।

तभी उसने मेरा पूरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया, लण्ड उसके गले तक चला गया और वो उसे ऊपर-नीचे करके चूस रहा था। मेरी मस्ती इतनी बढ़ गई थी कि मैं कह नहीं सकता। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।तभी मेरा सारा बदन अकड़ने लगा और मेरे लण्ड से एक पिचकारी की सी छूट गई। मेरा लण्ड विक्रम के मुँह में था वो मेरे लण्ड का सारा पानी पी गया।

तभी मैं उठ गया, मैंने कहा- आप क्या क़र रहे हो? आपने मुझे नंगा क्यों किया? मेरे लण्ड से क्या कर रहे थे?

वो मुझे बोलने लगा- किसी से कुछ मत बोलना ! गलती हो गई ! अब ऐसा नहीं होगा, किसी को पता लगेगा तो मेरे बड़ी बदनामी होगी, किसी से कुछ मत कहना।मैं अपने घर आ गया, मैंने किसी से कुछ नहीं कहा मगर मुझे बार-बार वो उसका मेरा लण्ड चूसना याद आ रहा था। मेरा लण्ड खड़ा हो रहा था, मेरा मन कर रहा था कि वो इसे फिर चूसे !

मैंने न जाने कैसे रात और दिन काटा।

अगले दिन फिर उसके पास तीन बजे गया, वो मेरे सामने हाथ जोड़ कर कहने लगा- किसी से कुछ मत कहना !

मैंने कहा- एक शर्त है !

वो बोला- क्या ?

मैंने कहा- मेरा लण्ड दोबारा चूसो ! मुझे अच्छा लगा था।

वो खुश हो गया।

मैंने अपनी पैंट उतारी, उसने मेरा लण्ड हाथ में लिया। मेरा लण्ड पहले ही खड़ा था, उसका हाथ लग कर और तन गया।

उसने पहले लण्ड को चूमा, फ़िर बोला- तुम आराम से बैठ जाओ, मैं इसे प्यार करता हूँ।

वो मेरा लण्ड फिर चूसने लगा। मुझे अच्छा लगने लगा।

उसने फिर चूस-चूस के मेरे लण्ड का पानी निकल दिया और पी गया।

फिर हम दोनों साथ में बातें करने लगे, वो बोला- तुम्हारा लण्ड बहुत बढ़िया है, कम से कम 8 इंच का होगा। मैंने आज तक ऐसा लण्ड नहीं देखा, इतना लम्बा और मोटा !

मैंने कहा- सबका ऐसा ही होता होगा?

वो बोला- नहीं, तुम्हारा लण्ड खास है !

फिर उसने अपना लण्ड खोल कर दिखाया। उसका लण्ड मैंने हाथ में लिया, वो मेरे लण्ड से छोटा और पतला था।

वो बोला- देखा, तुम्हारा लण्ड एकदम मस्त है ! बिल्कुल सही लम्बाई और मोटाई ! वरना लण्ड या तो मोटे होते है या छोटे ! तुम्हारा लण्ड देखकर तो मेरी गाण्ड में खुजली होने लगी है। मेरी गाण्ड मारोगे?

मैंने कहा- मैंने कभी नहीं मारी !

वो कहने लगा- मैं सिखा दूँगा, बहुत मज़ा आएगा !

मैंने बोला- ठीक है !

वो बोला- अब तुम लेट जाओ ! मैं करता हूँ।

मैं बिस्तर पर लेट गया, वो पहले तो मेरा लण्ड चूमने लगा, फिर चूसा ! मैं बार-बार खड़ा हो रहा था तो वो बोला- लेटे रहो !

फिर उसने मेरे को माथे से लेकर चूमना चालू किया, मेरे गालों को, मेरे होटों को, मेरी गर्दन को, मेरे कानों को, मेरी छाती को, मेरे पूरे बदन पर उसके हाथ घूमने लगे। वो अपनी छाती मेरे लण्ड के पास रगड़ने लगा मुझे चूमते हुए !

मुझे एक अजीब सी मस्ती चढ़ रही थी। वो मुझे सर से लेकर पैरों तक न जाने कितनी बार चूमता रहा मेरे बदन को अपने बदन से रगड़ते हुए !

मुझे जैसे लगने लगा कि मेरा ऐसे ही निकल जायेगा।

उसने मेरा लण्ड फिर मुँह में ले लिया और चूसने लगा।

मैं कहने लगा- ऐसे ही निकालोगे या गाण्ड भी मरवाओगे?

वो बोला- रुको !

फिर वह तेल की शीशी लाया और मेरे लण्ड पर बहुत सारा तेल डाला, उसे चिकना किया, फिर अपनी गांड में तेल डाला, अपनी गांड को बिल्कुल चिकना कर के बोला- अब तुम मेरे ऊपर आओ और अपना लण्ड मेरी गांड में डालो !

वो घोड़ी बन गया। मैं उसकी गांड में अपने खड़े हुए लण्ड को डालने लगा मगर मेरा लण्ड उसकी गांड में जा ही नहीं रहा था।

वो बोला- तुम लेटो ! मैं लेता हूँ।

मैं लेट गया, वो मेरे लण्ड के ऊपर मेरा लण्ड अपनी गांड के छेद पर लगा कर एकदम नीचे हुआ।

मेरे लण्ड में काफी दर्द हुआ उसके भी ! दर्द की वजह से मेरे आँसू निकल आये। मेरा लण्ड पूरा उसकी गांड के अंदर था। कुछ देर बैठने के बाद वो धीरे-धीरे ऊपर नीचे होने लगा। मेरे लण्ड में थोड़ा दर्द हुआ, फिर मज़ा आने लगा। फिर मैं भी उसकी गांड में धक्के लगाने लगा।

वो बोला- और जोर से ! और जोर से !

मैं तेज तेज उसकी गांड मारने लगा। फिर एकदम मेरा सारा बदन अकड़ा और मेरा माल उसकी गांड में निकल गया।

वो भी थक चुका था। मैंने अपना लण्ड उसकी गांड से निकाला, उसने मुँह में लेकर मेरा लण्ड साफ किया। फिर हम कुछ देर तक वहीं पड़े रहे।

वो बोला- आज मज़ा आ गया ! ऐसा लण्ड आज तक नहीं मिला !

फिर मैं अपने कपड़े पहन कर घर आ गया।

अब तो रोज मैं उसकी गांड मारने लगा। मगर एक दिन उसकी बीवी सुनयना जल्दी घर आ गई, उसने मुझे उसकी गांड मारते देख लिया और कमरे आ गई।

हम दोनों बिल्कुल नंगे थे, मेरा लण्ड तना हुआ था।

उसने मेरा लण्ड पकड़ा, बोली- बहुत अच्छा लण्ड है !

और विक्रम से बोली- तुम अकेले ही ऐसे प्यारे लण्ड का मज़ा लोगे? मुझे भूल जाओगे?

और वो मेरा लण्ड चूसने लगी।

यह कहानी अगली बार !

मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी? बताना मुझे !

Indian Govt will block all Porn sites

Indian Govt will block all Porn sites

Join this notification list and we will inform you of how to access if your ISP blocks it. Please join now before its too late.

You have Successfully Subscribed!

Comments

Scroll To Top