भाभी ने मुझे चोदा

मै दीपेश २४ साल का मुम्बैई मे रहता हूं। मेरी हाईट ५.६” गोर रंग और सबसे महत्त्वपूर्ण कि मेरा लंड ८” का है जिसे सारी लड़कियां, भाभियां और आंटियां पसन्द करती हैं।

मेरी भाभी दीपा, जो एक सुन्दर सेक्सी लेडी हैं, की उमर २७ साल है। उनके बड़े बड़े स्तन और मोटे चूतड़ जो चलते समय इधर उधर झूलते हैं, मुझे हर वक्त बेचैन किये रहते हैं।

मेरा भाई २८ साल का है और ८ महीने पहले उसकी शादी दीपा से हुई है। वो एक बड़ी मल्टी नैशनल कम्पनी में सोफ़्टवेयर इंजीनीयर है। उसे अक्सर कम्पनी के काम से विदेश जाना पड़ता है। मै भी एक बी पी ओ में काम करता हूं और भैया भाभी के साथ रहता हूं।
शुरू के महीनों में भैया भाभी ने अपनी मैरिड लाइफ़ को अच्छा एन्जोय किया। फ़िर भाभी भैया के लम्बे समय के विदेश के टूर से परेशान हो जाया करती। भैया चार महीने के लिये फ़िर गये तो मैं और भाभी दोनो ही घर मैं अकेले थे, भाभी एकदम उदास नज़र आती थी। मैं भाभी से बहुत बातें करता था और उनको खुश करने की कोशिश करता था, लेकिन ये बहत मुश्किल था। थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये। भाभी में मैने थोड़ा चेंज नोटिस किया, मैं और भाभी अब अच्छे दोस्त बन गये थे। दोनो बाहर शोपिंग करने जाते थे, घूमते थे मज़े करते थे। जो लोग हमे नहीं जानते थे उन्हें हम दोनो पति और पत्नी लगते थे मेरे मन में भाभी के बारे में बहुत सेक्सी ख्याल थे लेकिन वो अपने बड़े भैया की वाइफ़ है ये सोच के मैं अपने आप को कंट्रोल करता था। लेकिन रात को घर में हम दोनो अकेले होते तो मेरा लंड भाभी को चोदने के इरादे से खड़ा हो जाता था और मैं अपने लंड को अपने हाथों से हिला के अपनी आग बुझाता था।

भाभी और मैं बहुत सी बातें करते थे, वो हमेशा ये जानने की कोशिश करती थी कि मेरी लडकी दोस्त है या नहीं? मैं उसे कहता था कि मेरी कोइ गर्ल फ्रेंड नहीं तो वो मानने से इंकार करती थी, वो बोलती थी कि तेरी कोइ गर्ल फ्रेंड नहीं ऐसा हो ही नहीं सकता, और कहती थी लड़कियों को तेरे जैसे सुडोल सुगठित लड़के चाहिये होते हैं। आज कल भाभी ऐसे ही बातें करती थी। मैं जान गया भाभी के मन में मेरे बारे में कुछ चल रहा है। उसका मेरे साथ व्यवहार भी थोड़ा बदल गया था। बातें करते समय वो मुझे छूने की कोशिश करती थी। मेरे करीब आया करती थी। मैं बड़े मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल करता था। भाभी अब सेक्स की कमी महसूस कर रही थी। उसकी हरकतों से ऐसे लगता था कि शी नीड्स सेक्स वेरी बेडली।

नोर्मली वो घर में साड़ी में रहती थी, साड़ी में उसकी राउंड एस देख के मेरा तो लंड हमेशा टाइट हो जाता था। उसकी नाभि, ब्लाउज़ में से दिखने वाली उसकी सेक्सी क्लीवेज में इन सबके लिये पागल हुये जा रहा था। झाड़ू कटका लगाते समय हमेशा मेरे सामने वो अपने साड़ी का पल्लु इंटेन्शनली गिराया करती थी ताकि मैं उसके बड़े बूब्स देख सकुं। शायद वो मुझे पाने के लिये पागल हुए जा रही थी। लेकिन मुझमे इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं जाके भाभी को चोदना शुरु करुं। मुझे बहुत डर था।

एक दिन रात को बेडरूम मैं अपने सेक्सी भाभी के बारे में सोच कर अपना लंड हिला रहा था, मेरे रूम का डोर तो बंद था लेकिन मैने लोक नहीं किया था। तभी भाभी कुछ काम से या जानबूझ कर मेरे रूम में बिना नोक किये चली आई, और मैं अपना लंड बड़े मज़े से हिला रहा था। भाभी को देख के मैं इतना शर्मा गया, कुछ कह नहीं सका। भाभी ने भी कुछ नहीं कहा लेकिन मेरे बड़े लंड को २-३ मिनट तक देखते रही और वहा से चली गयी। अगले दिन सुबह मैं जब ओफ़िस जाने की तैयारी कर रहा था तब भाभी ने मुझे स्नैक्स और चाय दी। मैं तो रात की घटना से इतना शरमा गया था कि मैं भाभी से आंखें नहीं मिला पा रहा था। एक नज़र मैने भाभी के तरफ़ देखा तो भाभी ने मुझे शरारती इस्माइल दी, लेकिन कुछ नहीं कहा। और मैं झट से वहां से ओफ़िस के लिये निकल पड़ा।

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