व्यथा छोटे लंड की

(Vyatha Chhote Lund Ki)

अन्तर्वासना के सभी पाठक साथियों को मेरा सादर प्रणाम…
एक बार फिर इ-मेल मित्र की गुजारिश पर उनकी एक आप बीती व्यथा लेकर हाज़िर है आपकी अपनी सखी अदिति गवलानी!
उम्मीद करती हूँ आप सभी स्वस्थ जीवन जी रहे हैं तथा अन्तर्वासना की सभी मजेदार कहानियों, हास्य रस का आनन्द ले रहे होंगे।
अब आप का ज्यादा समय न लेते हुए मेरे इ-मेल दोस्त की कहानी उन्हीं की जुबानी :

नमस्कार मित्रो,
मेरा नाम रोहन गुप्ता है, मैं भिलाई छत्तीसगढ़ का निवासी हूँ एवं एक मिडल क्लास फॅमिली का अपने माता पिता की इकलौती औलाद हूँ। इकलौता होने के साथ साथ मेरे जीवन का जुड़ाव भी अकेलेपन से है, हमेशा से सच्ची दोस्ती और बड़े होने पर गर्लफ्रेंड आदि कभी भी मुझे इन सबका आनन्द उठाने का लाभ नहीं मिला।

इत्तेफाकवश आम लोगों की तरह कुछ दोस्त तो थे स्कूल के पर सच्चे साथी नहीं, सब अपना काम निकलवाने के लिए साथ थे। अकेला और अंतर्मुखी होने की वजह से चाहे जैसे भी दोस्त थे, मुझे समाज में जीने के लिए उनका साथ लेना ही पड़ा क्यूंकि यह समाज में आगे बढ़ने और समय व्यतीत करने का एक तरीका था।

झूटे ओर दोगले ही सही… पर कहते हैं न दोस्ती में संगत का असर तो हो ही जाता है, थोड़े बहुत पैसे पास होने की वजह से कुछ और तो नहीं थोड़ी शराब पीने का शौक लग गया। बात अब यूँ हो गई कि आये गए दिन घर से बाहर किसी काम के बहाने रोज़ या एकाध दिन के आड़ में दोस्तों के साथ शराब के दौर चलने लगे।

तो जनाब शराब के साथ साथ इसी घटिया संगत का परिणाम बचपन से ही हस्तमैथुन की प्रैक्टिस चालू थी।
आज मेरी उम्र 26 साल है, न नौकरी, न शादी… सिर्फ दारू और रोज़ रात को लैपटॉप पर पोर्न देख देख कर हस्तमैथुन…
अब हालत यह है कि आगे का कुछ पता नहीं पर लंड ने भी कुछ साथ छोड़ दिया एक तो बचपन से हस्तमैथुन की वजह से पहले ही लंड का साइज़ छोटा था और अब उत्तेजना में कमी… मालिक जाने अब अगर शादी हुई किस्मत से तो आगे क्या होगा? कैसे रहेगा मेरा वैवाहिक जीवन?
आप सब आदरणीय लोगों की अच्छी सलाह के इंतज़ार में
बेचारा अकेला आप का रोहन गुप्ता
धन्यवाद
[email protected]

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top