दोस्त की मम्मी

रॉकी सेठ

मेरा नाम रोक्की है, मेरी उम्र 25 साल है और कद 5’7″ है। मैं दिखने में सुन्दर हूँ, कोटा, राजस्थान से हूँ।

मैं अन्तर्वासना साईट का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ इसलिए अपनी जिन्दगी में पहली बार अपनी व्यक्तिगत घटना आपसे बांट रहा हूँ।

मैं एक अच्छे अमीर परिवार से सम्बन्ध रखता हूँ। मैं जहाँ रहता हूँ वो क्षेत्र जवाहर नगर एरिया कहलाता है जो कोटा का पोश एरिया है। मेमे परिवार में मैं और मेरे मात-पिता हैं।

तो यह दो महीने पहले की बात है, मेरे घर के सामने एक नया परिवार रहने आया था। वे केवल तीन ही लोग थे, पति-पत्नी और उनका लड़का विक्की जो मुझसे सिर्फ दो साल छोटा है। तो उस लड़के से मेरी दोस्ती हो गई। उसके पिता एक दवा कम्पनी में बिक्री विभाग में हैं और मम्मी घरेलू महिला ! विक्की की मम्मी शोभा आंटी थोड़ी मोटी हैं लेकिन लगती अभी तक काफ़ी गर्म माल लगती हैं पर मैंने कभी उन्हें गलत निगाह से नहीं देखा था मैं हमेशा उनसे आंटी कह कर बात करता था।

कुछ दिन बाद विक्की होटेल मैनेजमेंट का कोर्स करने बाहर चला गया तो मेरा उनके घर जाना भी कम हो गया।

एक दिन शोभा आंटी मुझे मिली और बोली- विक्की क्या गया, तुमने तो आना ही छोड़ दिया?

मैंने कहा- आंटी जरा व्यस्त हूँ, आज शाम को जरूर आऊँगा…

शाम को मैं शोभा आंटी के घर गया। वो साड़ी में थी। मुझे देखते ही खुश होकर बोली- आओ, मैं भी अकेली बोर हो रही थी !

मैंने पूछा- अंकल कहा हैं?

वो बोली- तेरे अंकल ज्यादातर टूर पर ही रहते हैं।

फिर वो चाय बना कर लाई…

थोड़ी देर बाद बातों बातों में आंटी ने पूछा- कोई गर्लफ़्रेन्ड है या नहीं?

मैंने कहा- शोभा आंटी, अभी ब्रेकअप हुआ है !

आंटी मुस्कुराते हुए बोली- तुम जवान लड़के लडकियों को परेशान करते होंगे तो ही तो वो भाग गई?

मैंने कहा- परेशान? वो कैसे?

आंटी बोली- आज कल गन्दी-गन्दी फिल्में देखकर वैसी ही डिमांड करते होंगे?

और आंटी हंसने लगी।

यह सुनकर मैं धक से रह गया और मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया। अब पहली बार मेरे मन में आंटी के लिए गलत ख्याल आ रहे थे। इतने में आंटी का फ़ोन आ गया और मैं वापिस आ गया।

उस रात मुझे नींद नहीं आई और मैंने तीन बार आंटी को सोच कर मुठ मारी…

कुछ दिन बाद मेरे मम्मी-पापा शादी में बाहर चले गए तो मैं घर पर अकेला रह गया और पूरा दिन सिर्फ अश्लील फिल्में देखता रहा।

शाम को शोभा आंटी मिली तो मैंने हेलो किया। बातों में मैंने बताया कि मैं घर पर अकेला हूँ।

उन्होंने कहा कि उनके पति भी बाहर गए हैं।

रात ठीक नौ बजे मेरे घर की घण्टी बजी। मैं बाहर गया तो शोभा आंटी खड़ी थी, बोली- दही चाहिए !

थोड़ी सी है ! मैंने कहा- अंदर आ जाओ आंटी !

और वो अंदर आकर मेरे कमरे में बैठ गई। मैं दही लेकर आया और आंटी मुझसे बात करने लग गई।

आंटी ने काले रंग का गाऊन पहन रखा था, उनके बड़े बड़े चूचे और बड़ी गाण्ड बहुत सेक्सी दिख रही थी। शायद आंटी ने मुझे उनके बदन को चोरी-चोरी देखते हुए देख लिया था। मैंने नेकर पहन रखी था और मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो ही गया था।

आंटी बार बार मुझसे झुक कर बात कर रही थी ताकि मैं उनके वक्ष देख सकूँ।

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