चचेरी बहन के साथ मज़ा

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मैं पंजाब से हूँ, मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं। मुझे इस साइट के बारे में एक दोस्त से पता चला था। मैंने नोट किया है कि यहाँ बहुत सी कहानियाँ सच हैं और बहुत सी झूठ हैं। पर मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।

यह कहानी मेरी और मेरी चचेरी बहन की है। मेरी उमर इस समय 22 साल है और मेरी चचेरी बहन की 25 साल। वो मुझसे 3 साल बड़ी है।। उसका कद 5’2″ रंग गोरा और बदन 33-22-33 है।
बात उस समय की है जब मेरी उमर 19 साल की थी और उसकी 22 साल। मैं +2 करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिये शहर जाना चाहता था। मेरी चचेरी बहन शहर में ही पढ़ती थी। इसलिये मेरे घर वालों ने मेरी चचेरी बहन से राय माँगी तो उसने मुझे अपने पास भेज देने के लिये कहा।

मेरे घर वालों ने मुझे उसके पास जाने को कहा।

अगले दिन सुबह की गाड़ी से मैं शहर जाने के निकल गया। वो मुझे लेने के लिये स्टेशन पर आई थी। जब मैं गाड़ी से उतरा तो वो सामने खड़ी थी। उसने गुलाबी रंग का पंजाबी सूट पहना था जिसमें वो एक सेक्स-बम लग रही थी। पर उस समय मैं उसे सिर्फ़ एक बहन की तरह देख रहा था।

हम गले मिले और ऑटो से उसके घर पहुँचे। उसने एक कमरा किराये पर लिया था। इसमें वो अकेली रहती थी। मैंने अपने कपड़े निकाले और नहाने चला गया। फिर हम एक साथ कॉलेज गये। उसने मेरा दाखिला अपने ही कालेज में करवा दिया।

कालेज में उसने मुझे अपनी सहेलियों से मिलवाया। उसके बाद हम मेरे क्लास टीचर से मिले। कालेज खत्म होने पर हम एक साथ घर आ गये।

शुरु में ऐसे ही चलता रहा और तीन महीने निकल गये। इन तीन महीने में हम काफ़ी खुल गये थे। हम हर विषय पर बात कर लेते थे चाहे वो पढ़ाई हो या सेक्स या कोई और समस्या।

हम एक साथ कालेज जाते और वापिस आते। सारा दिन एक साथ मस्ती करते और रात को खाना खाने के बाद एक साथ पढ़ाई करते, फिर वहीं पर सो जाते।

एक रात हम सो रहे थे, मुझे पेशाब आया तो मैं उठ कर पेशाब करने चला गया। जब आया तो मैंने देखा कि दीदी की नाईटी ऊपर उठी हुई थी और उसकी जांघ दिख रही थी। मैं वहीं बैठ कर उसकी गोरी जांघों को निहारने लगा। इससे मेरा लण्ड खड़ा हो गया।

मैं आँखें बन्द करके लेट गया। मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रखा और धीरे-धीरे फ़िराने लगा।

कुछ देर बाद मुझे लगा कि शायद वो जाग गई है पर मैंने हाथ नहीं रोका। वो इसका मजा ले रही थी और तेज़ी से साँस ले रही थी।

कुछ देर बाद मैंने अपनी आँखें खोली और उसकी तरफ़ देखा तो वो मेरी तरफ़ ही देख रही थी। मैंने देखा कि उसका चेहरा वासना से लाल हो चुका था।मैंने हिम्मत करके उसका हाथ अपने लण्ड पर रख दिया वो धीरे से मेरे लण्ड को मसलने लगी। हमने एक दूसरे की तरफ़ देखा और एक दूसरे के करीब आ गये। हम एक दूसरे की तरफ़ देख ही रहे थे कि मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और उसको चूमने लगा।

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