भाई और बहन -2

कैसे है आप सब? एक बार फ़िर से आरज़ू अपनी अधूरी कहानी पूरी करने आप सबके सामने हाज़िर है मेरी कहानी का पहला भाग जिसका टाइटल था ‘भाई और बहन’ पिछली बार आप सबने पढ़ा होगा और सो हाज़िर है भाई और मैं का पार्ट २ उस दिन छत पर जब हम दोनो चुदायी लीला कर रहे थे तब ही मेरी मुमानी की बड़ी लड़की अफ़रोज़ छत पर आ गयी थी और चुपके से छुप कर हमारी बातें सुन रही थी और देख भी रही थी

भाई ने मुझे बाहों में भर लिया और अपना तना हुआ लंड मेरी चूत से रगड़ने लगे मैं अफ़रोज़ को दिखाने के लिये मादक सिसकियां निकाल रही थी मुंह से आआयययीई भाई जान बहुत गुदगुदी हो रही है आआह्हह प्लीज़ अब घुसा दीजिये अपना लंड मेरी चूत में और मैने अपने दोनो हाथ से भाई का लंड पकड़ लिया और मसलने लगी भाई भी अफ़रोज़ को दखाने के लिये ज़ोर ज़ोर से कराह रहे थे ताकि इसकी चूत में भी खुजली होने लगे और वो भाई की टांगों के नीचे खुद ब खुद चूत फ़ैला कर पसर जाये अब उन्होनें अपने हाथ से मेरी चूत को फ़ैलाया और अपने लौड़े का मुहाना मेरी चूत पर रख कर मुझसे धीरे से बोले देखो इस तरह की एक्टिंग करना कि अफ़रोज़ पूरी तरह से चुदासी हो जाये पता है कि तुम्हारी चूत ढीली हो चुकी है मगर फ़िर भी नाटक करना कुंवारी होने का

इतना कहकर भाई ने जरा सा लंड ही अंदर ठेला था कि मैं चिल्ला पड़ी आआह्हह्हह भैईईइ बहुत दर्द कर रहा है प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ आहिस्ता आहिस्ता कीजिये आराम से भाई ने अपने होठों में मेरी चूची भर ली और चूसने लगे और एक धक्का और मारा और इस बार उनका करीब ५” लंड अंदर समा गया मैने उनकी कमर जोर से पकड़ ली और अपनी दोनो टांगे उनकी पीठ से किसी कैंची की तरह फ़ंसा ली और अपने चूतड़ को उपर की तरफ़ उछालने लगी आआआआह्हह्हह्ह भाई बहुत मज़ा आ रहा है अब तो घुसा दीजिये अपना पूरा बाकी का बचा हुआ लंड भी अययययीईईई आआअह्हह्हह कसम से जवानी में चुदवाने का मज़ा ही अलग है ये सब मैं अफ़रोज़ को सुनाने के लिये कह रही थी जिसे वो सुन भी रही थी और बहुत मज़े लेकर हम दोनो को देख भी रही थी उसे नहीं पता था कि हम लोग उसे देख चुकें है

तब ही भाई ने अपना पूरा लंड मेरी चूत में जोरदार धक्के के साथ घुसेड़ दिया मैं आआआआआययययीईई इस्सस्सस इस्सस्सस्सस अम्मी माआआअर्रर्रर्र डालाआआआअ भैईईईईइ बहुत दर्द हो रहा है आप ज़रा भी तरस नहीं खाते अपनी बहन पर पूरे जल्लाद बन जाते है चोदते वक्त कहीं इतनी जोर से भी धक्का मारा जाता है? और तब ही भाई ने मेरी निप्पल को दांत से दबाते हुए बहुत ही आराम से धक्के मारने लगे अब मैं ऊऊओफ़्फ़फ़्फ़फ़ ऊऊओफ़्फ़फ़्फ़फ़ कर रही थी और अब इस तरह दशा रही थी कि मुझे बहुत मस्ती मिल रही है आअहाआ भाई बहुत मज़ा आ रहा है थोड़ा और जोर से धक्का मारो ना प्लीज़्ज़ज़्ज़ तुमहे अपनी बहन की कसम है आज सारी ताकत झोंक देना मेरी चूत में ज़रा भी तरस ना खाना साली बहुत कुलबुलाती रहती है

फ़िर तो भाई ने धक्को की झड़ी लगा दिया फ़चा – फ़च की आवाज़ निकल रही थी और मैं भी अपने चूतड़ को उछाल रही थी तब ही भाई का लंड झड़ने के करीब आया और भाई ने कहा आरज़ू अब मैं झड़ने वाला हूँ तुम्हारी क्या पोसिशन है तब मैने कहा क्या बात है आज आप मुझसे पहले डिस्चार्ज हो रहे है वरना तो मेरा पानी २ बार निकलता था तब कहीं आप झड़ते थे? भाई ने कहा बहुत दिन बाद आज चुदायी कर रहा हूँ ना इसलिये ऐसा हो रहा है क्या बतायें वहां घर की बात ही और थी यहां तो साला मौका ही नहीं मिलता है तब मैने कहा यहां किसका डर है?

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