^ Back to Top




नेहा के घर पर

प्रेषक : राज सिंह

दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं दिल्ली में रहता हूँ और इस वेबसाइट अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, सभी कहानियों को मैंने पढ़ा है और बहुत मजा लिया है।

आज मैं भी आप सभी के सामने अपना एक अनुभव रखना चाहता हूँ और आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आएगी। यह मेरे जीवन की वास्तविक घटना है।

बात तब की है जब मैं बारहवीं पास करने के बाद पोलिटेक्निक की तैयारी कर रहा था। मैं अपनी कक्षा का सबसे तेज लड़का था तो सभी लड़के मुझसे जलते थे पर मैं किसी की परवाह किये बिना अपनी पढ़ाई करता था।

पर एक दिन मेरी जिन्दगी में परिवर्तन हो गया, मेरे पड़ोस मैं हमारे नये पड़ोसी आये थे उनकी एक लड़की थी जिसका नाम नेहा था। वो लड़की क्या, ऐसा लगता था कि जन्नत की परी हो ! वो बहुत ही सुंदर थी, ऐसा लगता था जैसे भगवान ने फ़ुरसत में बनाया था। उसकी आकृति 36-24-36 थी। मैं उसे जब भी देखता, बस देखता ही रह जाता था पर वो मुझे कभी भी नहीं देखती थी। वो हमेशा कसी टीशर्ट और तंग जींस पहनती थी। जब भी वो चलती थी तो उसकी मोटी मोटी चूचियाँ हिलती थी और उसके मोटे मोटे चूतड़ ऐसे लगते थे जैसे कि अभी इन्हें पकड़ कर मसल दूं और मसलता ही रहूँ। वो मुझे बहुत ही अच्छी लगती थी, मन करता कि बस अभी जाकर उसे चोद दूँ पर कभी इतनी हिम्म्मत नहीं कर पाता था।

पर एक दिन मैं अपने कालेज जा रहा था तो देखा कि रास्ते में नेहा का ऐक्सीडेन्ट हो गया था और वो सड़क पर पड़ी हुई चिल्ला रही थी। मैं भाग कर गया और उसे अस्पताल ले कर गया, उसका इलाज कराया, उसे घर ले कर गया।

वो पहला दिन था जब मैं उसके इतने करीब गया था। जब मैं उसे लेकर घर पहुँचा तो पता चला कि उसके घरवाले कुछ दिनों के लिये शहर से बाहर गये हुए हैं।

उसने कहा- तुम मेरे पास रुक जाओ !

पहली बार कोई लड़की ऐसे बोल रही थी, पहले तो हिम्मत ही नहीं हुई, जब उसने ज्यादा कहा तो मैं रुक गया। पर मेरा मन तो उसके बदन का आनन्द लेने में था कि कैसे मौका मिले और मैं उसे चोद सकूं।

पर मैंने ऐसा सोचना गलत समझा। मैं उसके पास गया और उससे बात करता रहा। फ़िर वो जाने कब मेरी गोदी में सर रखकर सो गई तो मैं उसके सिर पर हाथ फ़ेरने लगा और उसके माथे पर चूम लिया।

तो वो जग गई और बोली- तुम मुझसे प्यार करते हो !

मैंने कहा- मैं तुम्हें उसी दिन से प्यार करता हूँ जिस दिन पहली बार मैंने तुम्हें देखा था।

तो वो बोली- फ़िर आज तक तुमने मुझसे यह बात क्यों नहीं कही?

मैंने कहा- मुझे लगता था कि तुम मुझे पसन्द नहीं करती हो, इसलिये मैंने तुमसे आज तक नहीं कहा।

इस पर वो बोली- बुद्धू ! मैं भी तुम्हें तभी से पसन्द करती हूँ पर तुमने कभी पहल नहीं की तो मैंने सोचा कि मैं तुम्हें पसन्द नहीं हूँ।

मैंने कहा- ऐसा नहीं है, मुझे तुम बहुत पसन्द हो।

तो वो बोली- सच ! अगर तुम मुझे सच में प्यार करते हो तो फ़िर मुझे प्यार करो आज ! मैं सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारी हूँ। प्लीज मुझे प्यार करो !

पहले तो मैं डर रहा था पर अब तो उसकी भी रजामन्दी थी तो मैंने देर करना ठीक नहीं समझा और उसे चूमने लगा। मैंने उसके होंट इतने चूसे कि वो लाल हो गये, उसके चेहरे पर लालिमा छा गई और वो शरमाने लगी।

पर जब मैंने उससे कहा- अब हम दोनो एक दूसरे को प्यार करते हैं तो अब क्या शरमाना !

वो बोली- ठीक है, पर तुम मुझे कभी छोड़ना मत ! मैं तुम्हारे बिना मर जाऊँगी।

मैंने कहा- नहीं छोड़ूँगा !

और मैं फ़िर उसे चूमने लगा और अपना हाथ उसके टीशर्ट के ऊपर से ही उसकी चूचियों पर फ़िराने लगा। अब वो गर्म होने लगी तो मैंने उसकी टीशर्ट उतार दी।

उसकी चूचियां क्या गजब थी ! मैंने जिन्दगी में पहली बार इतनी सुन्दर चूचियाँ देखी थी तो मैंने देर किये बिना उसकी ब्रा भी उतार दी। अब वो मेरे सामने ऊपर से बिल्कुल नंगी थी और मैं बस उसकी चूचियों को मसले जा रहा था।

वो बस आह उह आह उह की मदहोश आवाजें कर रही थी।

फ़िर मैंने धीरे से उसकी जींस उतार दी। जींस उतारने के बाद मुझे ऐसा लगा जैसे उस अन्धेरी रात में किसी ने ट्यूबलाईट जला दी हो ! मैं तो उसके ऐसे हुस्न को देखकर पागल हुए जा रहा था और फ़िर मैंने उसके बदन पर शेष रही एकमात्र पैंटी भी उतार फ़ेंकी और उसकी प्यारी-गुलाबी चूत को चाटने लगा।

तो वो पागल हो गई, बोली- जल्दी करो ! अपना लण्ड मेरी चूत में डालो !

मैंने भी बिना देर किये अपने कपड़े उतारे और फ़िर से उसकी चूत चाटने लगा। अब वो लम्बी लम्बी आहें भरने लगी।

तब मुझे लगा कि यही सही वक्त है और मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत पर लगाया और धीरे से धक्का मारा। पर लण्द फ़िसल कर एक तरफ़ चला गया क्योंकि उसकी चूत काफ़ी कसी थी तो मैंने अपने लण्ड पर थोड़ी सी क्रीम लगाई और एक जोरदार झटका मारा। मेरा लण्ड लगभग 2" उसकी चूत में चला गया तो वो चिल्लाने लगी।

मैंने उसे चुप रहने के लिये कहा और धीरे घीरे धक्के मारने लगा। अब उसे भी मजा आने लगा और वो भी चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी। करीब 15 मिनट तक मैंने उसे हर अवस्था में चोदा ओर उसके बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेटा रहा।

इस तरह से मैंने अपनी जिन्दगी की पहली चुदाई की उसके बाद मैंने उसके साथ चार बार सेक्स किया और सुबह को अपने घर चला आया।

उसके बाद मैंने उसे कई बार चोदा लेकिन बाकी की कहानी अगली बार !

मेरा मेल आई डी है

[email protected]

प्रकाशित: रविवार 1 जनवरी 2012 6:32 pm

 

PDF पीडीएफ प्रारूप में इस कहानी को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीनतम कथाएँ