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पढ़ाई में चुदाई

प्रेषक : गपागप

मेरी क्लास में रूबी नाम की एक लड़की थी, मैं उससे बहुत प्यार करता था। हमारी जान पहचान इस प्रकार हुई :

एक दिन जब हम ट्यूशन पढ़ रहे थे तो उस दिन सर जी नहीं आएगे यह बात सब को पता थी लेकिन रूबी का घर दूर होने के कारण उसे किसी ने नहीं बताया। रूबी के आने का समय हो गया तो मैंने नंगी तस्वीर वाली किताब को इंग्लिश की कापी में छुपा दिया। तभी वह आ गई।

रूबी ने पूछा,"आज सर जी नहीं आए ?"

मैंने कहा,"नहीं !"

मैंने कहा- मुझे इंग्लिश के कुछ ट्रांसलेशन नहीं आ रहे हैं, उसे बता देना।

रूबी ने इंग्लिश की कापी खोली और तस्वीर को कुछ क्षण देखा और मुझ पर भड़क उठी, कहने लगी "तुम आखिर अपने आप को समझते क्या हो !"

किताब मेरे मुँह पर फेंक कर चली गई।

मैं डर गया कि कहीं उसने सारी बातें सर को बता दी तो ?

इस ख्याल से मैं रात भर सो नहीं पाया।

अगले दिन उसने ट्यूशन में तो कुछ नहीं कहा लेकिन ट्यूशन के बाद में मिलने को कहा।

सर के जाने के बाद उसने मुझे २०-३० नंगी तस्वीर वाली किताब दिखाई और कहा- सिर्फ तुम्हारे अन्दर ही आग नहीं धधक रही है। एक छोटी सी चिंगारी मेरे अन्दर फुलझड़ी की तरह तेज होती रहती है।

इस प्रकार हमारी मुलाकात हुई।

तभी एक दिन हमें कमरा खाली मिला तो हम दोनों में जीवविज्ञान के प्रेक्टिकल करने की इच्छा हुई।

मैंने दोपहर के १२ बजे उसे घर पर बुला लिया और कमरा बंद कर लिया। मैंने कहा- जीव विज्ञान में किस जंतु के बारे में जानना है?

उसने कहा,"होमोसपियंस के बारे में !"

अब मैंने पढ़ाना शुरु कर दिया- देखो मैं सबसे पहले इनके जननांगों के बारे में बताउंगा- मेल व फिमेल दो प्रकार के होते हैं मेल का जननांग ३ से ४ इंच लंबा तथा १ से २.५ इंच मोटा हो सकता है जिसे लिंग, लण्ड, केला, मुसड़, पेलन यंत्र आदि नामों से जानते हैं।

रूबी ने पूछा- क्या इसकी कोई निश्चित लम्बाई नहीं होती?

मैंने कहा,"नहीं !"

यह देखने में कैसा होता है?

यह सुन मैं हंस पड़ा।

रूबी ने कहा- मैंने छोटे बच्चो का और केवल तस्वीर में ही देखा है।

मैंने अपने पैंट की ज़िप को नीचे कर अपना लिंग निकाल कर उसके हाथों में थमा दिया।

रूबी ने कहा- अरे ! अरे ! देखो यह भाग रहा है !

मैंने कहा- यह दौड़ नहीं सकता !

इस पर रूबी ने कहा- देखो मेरे हथेली इसके भार से नीचे को झुक रही है ! और यह क्या? इसका आकार किसी दैत्य की तरह बढ़ता जा रहा है।

फिर उसने कहा- ऐसे नहीं ! पूरे कपड़े उतारो और समझाओ !

मैंने कहा- इसके लिए तुम्हें भी नंगा होना होगा !

वो तो मानो इस बात के लिए तैयार बैठी थी। उसने झट से मेरे और अपने कपड़े उतार फेंके।

अब हम दोनों नंगे बैठे थे।

मैंने कहा- अब तेरी बारी !

रूबी ने बताया- लड़कियों में कुल तीन छेद होते हैं- १. मल-द्वार २. योनि ३.मूत्रद्वार

तथा दो चूचक भी होते हैं।

मैंने कहा- दो चूचक तो मुझे दिख रहे हैं लेकिन तीन छेद की बात तो हजम नहीं हो रही है।

रूबी ने कहा- लगता है तुम्हें प्रेक्टिकल करना ही पड़ेगा। इसके लिए तुम मेरे पास आओ मेरे चूचक को दबाना शुरु करो।

मैंने कहा- इससे क्या होगा?

तो रूबी ने जबाब दिया- इससे तेरे लिंग में कड़कपन आने से ही प्रेक्टिकल शुरु होगा।

अब धीरे धीरे कड़कपन आ गया।

रूबी ने कहा- देखता क्या है, ठोक दे मेरे योनि को ! मजा चखा दे ! बहुत दिनों से उबल रही है !

मैंने कहा- पर योनि है किधर ?

उसने फिर चट से मेरा लिंग पकड़ा और योनि में टेक लगा बोली- पेल दे इसे !

मैंने पेलना शुरू किया- १ २ ३...... मार गप्पा गप पेलता ही गया !

इस प्रकार रूबी ने एक एक चीज के बारे में खुल के समझाया।

धन्यवाद रूबी ! मैं तुझे याद हमेशा रखूंगा।

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प्रकाशित: मंगलवार 16 अगस्त 2011 11:53 pm

 

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