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भांजे की करतूत

प्रेषिका :संजना

हेल्लो गाय्ज़, मैं ३३ वर्षीया संजना माथुर लुधियाना से, मेरी फ़ीगर ३८-३२-४० है।

मैं जो कहानी ले कर आयी हूँ उसमे मैं आपको अपने भांजे (मेरी बहिन का बेटा) की करतूत के बारे में बताती हूँ।

हुआ यूँ कि मैं पिछले महीने अपनी बड़ी बहिन के घर अपने बच्चों के साथ कुछ दिन के लिए रहने के लिए गयी थी। मेरी बहिन के दो बच्चे हैं, लड़का अमितेश, १८ साल का और लड़की कशिश। अमितेश शुरू से ही मुझे बहुत प्यार करता है मुझसे लिपटना, चूमना करता ही रहता है, पर मैं उसे बच्चा समझ कर सब अनदेखा कर देती थी।

तो जब हम उनके घर पटियाला पहुंचे तो वो सभी हमें देख कर बहुत खुश हुए। उसके बाद तो खाने -पीने का और बातों का दौर चलता ही रहा। २-३ दिनों बाद एक बार मैं जब अमितेश के कमरे में गयी तो वो बाथरूम में नहा रहा था, मैंने देखा कि उसका मोबाइल बाहर बेड पर ही पड़ा हुआ था जिसको वो अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करता था। मैंने भी वैसे ही उसे उठा कर बटन दबाने शुरू कर दिए और ऐसे ही मोबाइल की गैलरी खोल कर देखने लगी। जब मैंने उसके एक छिपाई गैलरी खोल कर देखी तो मैं तो हैरान ही रह गयी। उसमे मेरी और हमारी रिश्तेदारी की और बहुत सारी औरतों की तसवीरें थी। किसी के कुरते या ब्लाऊज़ से उसके स्तन दिख रहा तो किसी कुछ। मेरी अपनी अपने बेटे को दूध पिलाते हुए मेरे बूब्स की, बाथरूम में नहाते हुए नंगी तस्वीरें थी।

जब मैं यह सब देख ही रही थी कि तभी अचानक अमितेश बाथरूम से बाहर आ गया, और मेरे हाथ में अपना मोबाइल देख कर दौड़ कर मेरे पास आया और मेरे हाथ से मोबाइल छीन कर बोला,"मासी, आपसे कितनी बार कहा है कि कोई मेरे मोबाइल को हाथ लगाये मुझे पसंद नहीं है।”

तो पलट कर मैंने कहा,“अच्छा, क्योंकि इसमें हम सबकी नंगी तस्वीरें हैं।”

यह सुनते ही वो घबरा गया और बोला,"प्लीज़ मासी किसी को मत बताना, वरना बहुत जूते पड़ेंगे, आप तो मेरी अच्छी वाली मासी हो।”

तो मैंने कहा," अच्छी वाली मासी हूँ, तभी मेरी नंगी फोटो खींच कर इसमें रखी हैं।”

वो बोला,“मासी सच कहता हूँ आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मैं बचपन से आप से बहुत प्यार करता हूँ, प्लीज़, पर आप किसी से यह मत कहना।”

तो मुझे भी शरारत सूझी, एक नौजवान का लंड लेने को मैंने भी तरकीब लड़ानी शुरू की,"अच्छा अमितेश ! ये बताओ इन तस्वीरों का तुम क्या करते हो, सच सच बताना, दोस्तों को दिखाते हो, इन्टरनेट पर डालते हो, क्या करते हो ?”

वो बोला, “ मैं कोई पागल हूँ जो औरों को अपने घर की औरतें नंगी करके दिखाऊंगा।”

“तो क्या करते हो फिर?” मैंने पूछा।

“मासी, सच कहूं, इन्हें देख कर मैं मुठ मारता हूँ, क्योंकि मेरी कोई गर्लफ्रेंड तो है नहीं।”

“अच्छा, तो मेरी फोटो देख कर भी मुठ मारते हो?”

“जी मासी, मैंने अब तक जितनी बार भी मुठ मारी है सबसे ज़्यादा आपके नाम की मारी है।” उसने जवाब दिया।

“मुझ में तुम्हें सबसे ज़्यादा क्या अच्छा लगता है?” मैंने पूछा।

“सबसे ज़्यादा, आपके बूब्स फिर जांघें और होंठ!” उसने भी थोड़ा खुल कर बताना शुरू किया।

“अच्छा ये बताओ और क्या क्या है तुम्हारे मोबाइल में ?”

मेरे इतना कहने पर उसने अपने मोबाइल में मेरी २ विडियो दिखाए, एक में मैं उनके घर जब आयी थी तो बाथरूम उसने छुपा कर मोबाइल रख कर मेरी नहाते हुए की पूरी रिकॉर्डिंग की थी, दूसरी क्लिप में मैं बेड पर अपने छोटे बेटे को दूध पिलाती-पिलाती सो गयी थी, मेरा ब्लाउज और ब्रा ऊपर उठे हुए थे जिस कारण मेरे दोनों स्तन बाहर थे, और मेरा पेटीकोट इस बदमाश ने ऊपर उठा कर मेरी चूत की भी विडियो बना ली थी। इसके अलावा उसकी चाची, बुआ वगैरह की नंगी वीडियो और तस्वीरें थी। मैं तो उसकी यह करतूत देख कर हैरान रह गयी।

अब मेरा भी मूड बन रहा था मैंने सोचा कि अगर अब बात बन गयी तो बन गयी वरना नहीं। मैंने फिर बड़े प्यार से उसे पूछा ,” अमित, ये बताओ अगर जो काम तुम वीडियो देख कर करते हो वो सचमुच देखने को मिल जाए तो तुम्हे कैसा लगेगा?”

उसकी तो जैसे लॉटरी लग गयी हो, बहुत ही खुश होते हुआ बोला,"मासी ज़िन्दगी का सचमुच में मज़ा आ जाएगा, पर आप सच तो बोल रही हो ना !” मैंने भी मुस्कुराते हुए कहा,"हाँ, पर तुम्हें मेरे लिए भी कुछ करना पड़ेगा।”

“मासी जो आप हुकुम करो।” वो चहका।

“ओ .के। सबसे पहले मेरा हुकुम यह है कि मुझे अपना लंड निकाल कर दिखाओ !”

मेरा हुकुम सुनते ही उसने जाकर दरवाज़ा बंद किया और मेरे सामने आ कर झट से अपने तौलिये को खोल कर मेरे सामने नंगा होकर खड़ा हो गया। पहली नज़र में ही मुझे उसका कुंवारा लंड बड़ा प्यारा लगा, मैंने जब उसे हाथ में पकड़ कर उसका सुपाड़ा बाहर निकाल कर २-४ बार आगे पीछे किया तो उसका लंड इतने में ही तन गया और अकड़ कर तकरीबन ६-१/२, ७ इंच का हो गया।

मैं अभी उसके लंड का जायजा ही ले रही थी तो तभी उसने मेरे सर को पीछे से धकेलते हुए अपना लंड मेरे होठों से लगा दिया और बोला,"मासी इसे चूसो !”

तो मैंने भी उसका सुपाड़ा मुँह में लेकर एक जोरदार चूसा मारा और बोली,"वाह बेटा, कहते कुछ हो और करते कुछ और हो, बड़े चालाक हो !”

तो उसने बड़े प्यार से मेरा सर सहलाते हुए बोला,"हुकुम करो मेरी जान, अब तो मैं मरा जा रहा हूँ !”

यही मौका था जिसका मुझे इंतज़ार था, मैं बोली,"अगर तुम मेरी चूत चाट चाट कर मेरा पानी निकाल दो तो मैं तुम्हारा लंड चूस चूस कर पानी निकाल दूँगी, बोलो मंज़ूर है? और तुम्हें मुठ मारने की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी !”

उसने मुझे बाँहों में जकड़ लिया जिस से उसका लंड मेरी चूत से जा टकराया और वो बोला ,” मासी सलवार उतार।”

मैंने कहा ,” नहीं, मैं कुछ भी नहीं करूंगी, मैं रानी हूँ और तुम मेरे नौकर, चलो अब अपनी महारानी की खिदमत करो।”

उसने मुझे गोद में उठा कर बड़े प्यार से बेड पर रखा, फिर मेरी शर्ट ऊपर उठा कर मेरी सलवार का नाड़ा खोला, उसके बाद मेरी सलवार निकाल कर उसने मेरी जांघें, चूत, पेट ,स्तन और होंठों पर चूमा. उसके बाद वो मेरे पैरों के पास बैठ गया और मेरी टाँगें खोल कर मेरी चूत पे चूमने लगा, और मैं आनंद के सागर में डूबती जा रही थी।

उसके बाद वो धीरे से अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर डाल कर फिराने लगा, मुझे भी मज़ा आया और मेरी चूत भी पानी छोड़ने लगी। अब सिर्फ़ चूत चटवाने से मेरा कहां कुछ बनने वाला था तो मैंने कहा, "अमितेश, अपनी कमर इधर घुमाओ, मैं तुम्हारा लंड चूसना चाहती हूँ।”

वो उठा और आकर मेरे ऊपर उल्टा लेट गया जिससे उसका लंड ऊपर से मेरे मुँह में जा रहा था और वो झुक कर मेरी चूत चाट रहा था। जैसे जैसे मज़ा बढ़ता गया उसकी जीभ और लंड की रफ़्तार बढती चली गयी।

४-५ मिनट तक ये खेल चलता रहा और फिर अचानक मेरे बदन में जैसे बिजली दौड़ गयी, मैंने जितना हो सकता था उसका लंड मुँह में ले लिया और उसे दांतों से काट खाया, ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर ऊपर को उछालती हुई मैं झड़ गयी, मेरा बदन अकड़ गया और मैंने अपने नाखून उसके कूल्हों में गाड़ दिए। जब मैं शांत हुई तो मैंने उसका मुँह अपनी चूत से हटाया और कहा ,” ला अब मैं तेरा पानी छुड़वाती हूँ।”

तो वो बोला,"मासी एक प्रार्थना है।”

मैं बोली, “क्या?”

तो उसने मेरे स्तनों को अपने हाथों में पकड़ कर दबाते हुए कहा," मैं आपको चोद कर अपना पानी छुड़वाना चाहता हूँ, अगर आपको ऐतराज़ ना हो, तो!”

"भला, मुझे क्या ऐतराज़ हो सकता है, जैसे चाहो मुझे चोद लो !”

मेरी इजाज़त पा कर उसने मेरी शर्ट और ब्रा भी उतार दी और मेरे ऊपर लेट कर बोला,"संजू, इसे हाथ में पकड़ो और अपनी चूत पर रखो।”

ज़िन्दगी में पहली बार उसने मुझे नाम लेकर बुलाया जो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने भी एक गर्लफ्रेंड या पत्नी की तरह उसका कहा मानते हुए उसका लंड अपनी चूत पर रखा और उसने बड़े आराम से धक्के लगाते हुए अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदना शुरू किया। इसी दौरान उसने बताया कि वो मुझे पिछले ४ साल से चोदने की चाहत मन में रखे हुए था, जिस दिन उसने मेरी सोती हुई की नंगी विडियो अपने मोबाइल पर बनाई थी तो उस दिन उसने मेरे पास खड़े हो कर मुठ भी मारी थी और अपना माल मेरी चादर से पोंछा था।

अमितेश बड़े आराम से मुझे चोद रहा था, बीच बीच में बातें करता, मुझे चूमता और मेरे स्तनों से निकलने वाला दूध पीता हुआ मेरे सारे जिस्म का मज़ा ले रहा था और तभी उसने मुझे बताया कि यह उसकी ज़िन्दगी का पहला सेक्स है।

७-८ मिनट की आरामदायक चुदाई के बाद वो बोला,"मासी अगर मैं तुम्हारे मुँह में अपना माल छुडावाउं तो तुम्हे बुरा तो नहीं लगेगा?”

मैंने मुस्कुरा कर कहा “नहीं !”

तो उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया और मेरा सर पकड़ कर अपने लंड से मेरे मुँह को चोदने लगा। बेशक मेरे दांत लगने से उसे तकलीफ हो रही थी पर अब उसका जोश देखने वाला था उसकी इच्छा थी कि अपना सारा लंड मेरे मुँह में घुसा दे, उसका लंड मेरे गले तक जा कर चोट कर रहा था और फिर कुछ जोरदार शॉट्स लगाने के बाद उसके लंड से निकली आग से मेरा मुँह भर गया उसने मेरा सर ज़ोर से पकड़ कर रखा ताकि मैं उसका लंड अपने मुँह से न निकाल सकूं, उसका गरमा गरम माल मेरे मुँह में था जिसे मैं गटा गट पी गयी। एक नौजवान से चुद कर मैं तो जैसे निहाल ही हो गई।

मुझे अमितेश से चुदना इतना अच्छा लगा कि उसके बाद भी मैं अब तक ८-१० बार उस से चुदवा चुकी हूँ। जो गांड मैंने अपने पति से नहीं मरवाई वो भी मैंने अमितेश से चुदवाई।

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प्रकाशित: मंगलवार 16 अगस्त 2011 11:52 pm

 

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