शराबी दूल्हे को दुल्हन ने ठुकराया



शराब के नशे में धुत दूल्हा को देखकर दुल्हन ने शादी करने से इन्कार कर दिया। अपनी बेटी की अरमानों के आगे दुल्हन का पिता भी हंसी-खुशी राजी हो गया और शराबी बारातियों को खाली हाथ लौटा दिया।

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के चांटीडीह स्थित रामायण चौक का है। यहाँ रहने वाले रामशरण यादव जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में प्यून के पद पर कार्यरत हैं। उनकी दो बेटियाँ व एक बेटा है, जिनमें रोशनी यादव सबसे बड़ी है। 22 वर्षीय रोशनी यादव दसवीं तक पढ़ी है, उसकी शादी करीब सालभर पहले कोनी निवासी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्यून राजकुमार यादव के बेटे विक्की यादव से तय हुई थी। विक्की बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर है।

तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को उनकी शादी होनी थी। लिहाजा, गाजे-बाजे के साथ कोनी से बाराती चांटीडीह रामायण चौक पहुँचे। रामशरण यादव व परिवार के सदस्य स्वागत बारातियों का स्वागत करने में जुटे हुए थे। वहीं दुल्हन रोशनी सज-धजकर तैयार बैठी थी। बारात स्वागत होने के बाद जैसे ही दूल्हा विक्की मंडप में पहुँचा वह लड़खड़ाने लगा। उसकी हरकतों को देखकर रोशनी समझ गई कि उसका होने वाला पति शराब की नशे में धुत है। उसे देखकर सहसा वह घबरा गई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। उसने दिलेरी का परिचय दिया और साफतौर पर शादी करने से मना कर दिया। उसकी बातों को सुनकर वहाँ मौजूद बारातियों के पैरों से जमीन खिसक गई। वहीं मायके वाले भी हैरान रह गए, लेकिन रोशनी शादी करने के लिए तैयार ही नहीं हुई। इस बीच पिता रामशरण भी वहाँ मौजूद थे। वह अपनी बेटी के फैसले को सिर आँखों पर लिया और बारातियों को हाथ जोड़कर वापस जाने के लिए कह दिया। इसके बाद बाराती खाली हाथ बैरंग लौट गए।

आमतौर पर परिजनों द्वारा शादी तय करने के बाद ज्यादातर युवतियां शादी से इनकार नहीं करतीं। समाज व परिवार की जिल्लतें सहने के बाद भी बेटियाँ अपने बुजुर्गों के फैसले पर आँख मूंद कर अमल कर लेती हैं। यादव समाज में इस तरह से युवती द्वारा विवाह तोड़ने का मामला शायद ही आया होगा। रोशनी ने महज दसवीं तक पढ़ाई की है। बावजूद इसके वह अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है। यही वजह है कि उसने साहसी कदम उठाते हुए शराबी दूल्हा को ठुकरा दिया और बारातियों को खाली हाथ लौटने पर मजबूर कर दिया।

समाज की बेटी रोशनी यादव ने शराबी युवक से शादी नहीं कर साहस का परिचय दिया है। उसके इस निर्णय की जितनी सराहना की जाए कम है। उसके इस फैसले से यादव समाज में जागरूकता आएगी और नशेड़ी युवकों को सबक मिलेगी। सभी बेटियों को अपने भविष्य की चिंता खुद करना चाहिए, तभी समाज में सुधार हो सकेगी।

रोशनी के पिता रामशरण यादवने कहा- बेटी के सुनहरे भविष्य को देखकर मैंने यह फैसला लिया था, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि जिसके साथ बेटी का रिश्ता तय कर रहा हूँ वह शराबी है। मेरी बेटी ने शादी से इनकार कर मेरी आँखें खोल दी हैं। शराबी लड़के के साथ शादी तय कर उसकी जिंदगी खराब नहीं कर सकता। रोशनी के इस निर्णय से मैं भी सहमत हूं।


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