कंडोम फटा तो सनी लियोनी पर केस !

, 3 February 2014


कंडोम विज्ञापनों के जरिए टेलीविजन पर सनसनी फैलाने वाली पोर्न स्टार से बॉलीवुड अभिनेत्री बनी सनी लियोन भी अब कानूनी दांव-पेच में उलझ सकती है। दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अनुसार अब विज्ञापन करने वाले नेता-अभिनेता अब विज्ञापन में दिखाए जाने वाले उत्पादों के असर के लिए जिम्मेदार होंगे। ऐसे में प्रायोजित कंपनी (कंडोम मैन्यूफेक्यरर) के उत्पादों को लेकर मॉडलों (सनी लियोनी) का भी कानूनी दायरे से बचना मुश्किल होगा।

उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह विज्ञापनों के संबंध में सुझाव देने के लिए एक उपसमिति का गठन करेगी जो विज्ञापनों की निगरानी करने के संबंध में अनुशंसाएं करेगी। केवी थॉमस की अध्यक्षता वाली समिति ने विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले उत्पाद और उनकी गुणवत्ता को जांचने के लिए उप समिति से कार्ययोजना बनाने के लिए कहा है। संभावना जताई जा रही है कि उपसमिति फरवरी के आखिरी सप्ताह में अपनी अनुशंसाएं परिषद को सौंप देंगी।

उल्लेखनीय है उपभोक्ता अदालतों में विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले उत्पाद और उनकी गुणवत्ता को लेकर कई विवाद विचाराधीन हैं। इसमें खासतौर से खाद्य पदार्थ तथा क्रीम, तेल और अन्य कॉस्मेटिक्स उत्पाद के केस सबसे ज्यादा हैं। कोच्ची में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के सदस्य जोसेफ विक्टर ने कहा कि यदि किसी ख्याति प्राप्त हस्ती द्वारा किए जा रहे विज्ञापन में बताए गए उत्पाद में कोई खामी पाई जाती है या फिर उस उत्पाद से कोई हानि होती है तो ऎसे उत्पाद का विज्ञापन करने वाली हस्ती भी परिणामों के लिए बराबर की जिम्मेदार होगी।

मप्र उच्च न्यायालय द्वारा एक मामले में दिए गए निर्देश के बाद उपभोक्ता मंत्रालय ने एक विज्ञापन मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया था। विभा भार्गव की अध्यक्षता में बनाए गए एक आयोग ने इस तरह की समिति के गठन के लिए सुझाव दिया था।

आयोग ने मानीटरिंग कमेटी को समुचित सुविधाएं मुहैया कराने की भी बात कही थी। जिससे उसे विज्ञापनों की निगरानी करने में बाधा न आए। सूत्रों का कहना है कि जिस उपसमिति का गठन किया जाना है उसमें केंद्र और राज्य सरकार के उपभोक्ता मामलों से जुड़े कार्यकर्ता और उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। उपसमिति को एक सप्ताह के अंदर तैयार कर लिया जाएगा और फरवरी के आखिरी सप्ताह तक अपनी अनुशंसाएं केंद्रीय परिषद को सौंप देगी।

[email protected]

Download PDF पीडीएफ प्रारूप में इस कहानी को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

comments powered by Disqus