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धोखे से सेक्स किया, बलात्कार का मामला बना

शादीशुदा होने के बावजूद किसी अन्य महिला को धोखे में रखकर उससे शादी कर संबंध बनाने के आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा चलेगा। हाई कोर्ट ने इस मामले में महिला की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

निचली अदालत ने आरोपी को आरोपमुक्त कर दिया था, जिसके बाद महिला ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी।

हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए केस चलाने का आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी शख्स ने किसी महिला को यह भरोसा दिलाया है कि वह उसकी पत्नी है, जबकि महिला असल में उसकी पत्नी नहीं है और फिर उक्त महिला से संबंध बनाता है, तो यह मामला बलात्कार की परिभाषा में आएगा।

हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह एक अप्रैल को संबंधित अदालत के सामने पेश हो।

महिला की ओर से हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह उसे प्यार करता है, लेकिन इस बात को छुपाया कि वह पहले से शादीशुदा है। 2005 में आरोपी ने शादी करने के बाद उससे शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और यह शादी अमान्य है।

इस मामले में पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया, लेकिन साकेत कोर्ट ने आरोपी को यह कहते हुए आरोपमुक्त कर दिया कि पहली नजर में यह बलात्कार का केस नहीं बनता क्योंकि उसने पीड़िता की सहमति से संबंध बनाए।

महिला ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी।

 

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