लड़कियों की यौन इच्छा

, 24 November 2006


प्रेषक : रोहित खण्डेलवाल

मैं आपका रोहित फिर से आपके लिए लेकर आ गया हूँ एक चटपटी लेकिन सच्ची कहानी…

आज मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले में कुछ बातें जो लड़कियाँ, औरतें सेक्स के बारे में सोचती हैं वो बताना चाहूँगा…

मैं आज तक कई लड़कियों से मिल चुका हूँ और कई औरतों से भी …

मैंने उनसे बात करने पर यह पाया कि अधिकतर लड़कियाँ और औरतें यौन-सम्बन्ध बनाना चाहती हैं लेकिन फिर भी डरती हैं कि किसी को भी पता चल गया तो क्या होगा…???

वो हमेशा दूसरों के बारे में ही सोचती हैं… वो कभी यह नहीं सोचती कि मेरी यौन-सम्बन्ध बनाने की भूख कब और कैसे शांत होगी !

लड़की सोचती हैं कि शादी के बाद मेरे पति को पता चल जायेगा कि उसकी चूत फटी हुई है जिस कारण वो मुझे छोड़ देगा।

या कोई शादीशुदा औरत होगी तो बदनामी के डर से अपनी इच्छा होने के बावज़ूद यौन समबन्ध नहीं बनाती है…

अगर कोई लड़की किसी लड़के से चुदवाना चाहती है तो वो उस लड़के को कभी चुदाई के लिए नहीं कहेगी क्योंकि वो चाहती है कि पहले लड़का उसे चुदाई के लिए कहे …

और लड़का यह सोचता है कि लड़की कहे क्योंकि अगर उसने यह बात कह दी और लड़की बुरा मान गई तो वो उसकी दोस्ती से भी हाथ धो बैठेगा।

मेरा मानना है कि लड़की को कह देना चाहिए कि वो उस लड़के से यौन-तृप्ति चाहती है…

अगर किसी लड़की को लगता है कि उसकी शादी के बाद उसकी योनिच्छेदन का पता उसके पति को लग जायेगा तो उन्हें ऐसा करना चाहिए कि अपने पति को सुहागरात के दिन अपनी चूत दिखाये नहीं सीधे चुदवाये …इससे उसका पति जोश में तेजी से चोद देगा और उसे कुछ पता नहीं चलेगा।

मेरी तो सभी लड़कियों और औरतों को यही सलाह है कि उन्हें जिसके साथ यौन सम्बन्ध बनाने की इच्छा हो उनके साथ खुल कर सेक्स करें…

मैं ये सब बातें ऐसे ही नहीं कह रहा, मैंने बहुत सी लड़कियों और औरतों को चोदा है … उनसे हुई बातों के आधार पर ही कह रहा हूँ।

मैंने कई लड़कियों और औरतों से मेल से बातें भी की हैं ….

आज की मेरी कहानी भी ऐसी ही एक शादीशुदा औरत की है जिसे चुदवाने की तो बड़ी इच्छा होती है लेकिन वो कभी किसी से भी बात नहीं कह सकी …. उसका पति भी उसे सिर्फ तीन-चार मिनट चोदता, फिर सो जाता ! वो लम्बी चुदाई चाहती थी… उसकी चूत की प्यास कभी शांत ही नहीं होती थी…. उस औरत का नाम था दीपाली …

उसने मेरी पहली कहानी “मैं और मेरी भाभी जयपुर में” पढ़ते ही मुझे मेल किया- मैं एक शादीशुदा 33 साल की औरत हूँ, मेरी शादी को सात साल हो चुके हैं। मेरा पाँच साल का एक बेटा भी है। मेरे पति कभी मेरी चूत को शांत नहीं कर पाए हैं। मैं भी आप ही के शहर जयपुर में रहती हूँ। मैंने जब आपकी कहानी पढ़ी तो मुझे लगा कि आप ही मेरी चूत को शांत कर सकते हैं। आपने जब अपनी भाभी को चोदा तो मुझे भी चोद सकते हैं। अतः आप से मेरी विनती है कि आप मुझे चोदें। मेरा मोबाइल नंबर *********** है, आप मुझे अपना नंबर दे दे या मुझे फ़ोन करें।

उसने साथ में अपनी दस सेक्सी फोटो भी मुझे भेजी। वो साड़ी में और जींस दोनों में ही सेक्सी लग रही थी।

मैंने तो मेल पढ़ते ही उसे चोदने का मन बना लिया, फिर मुझे लगा कहीं यह कोई लड़का मेरे साथ शरारत तो नहीं कर रहा, इसलिए मैंने अपना दूसरा फ़ोन नंबर जिसे मैं साल में तीन-चार बार बदल लेता हूँ, वो मेल किया। मेल करने के डेढ़ घंटे बाद उसका फ़ोन आया। तब मैं बाहर था इसलिए मैंने बाद में बात फ़ोन करने के लिए कहा।

फिर जब मैं घर आया तो मैंने अपने असली नंबर से फ़ोन किया और ढेर सारी बातें की।

हमने अगले दिन मिलने की योजना बनाई। हम एक रेस्टुरेंट में गए, वहाँ खाना कम, बातें ज्यादा की।

फिर हमने चुदाई का कार्यक्रम भी बनाया।

मैंने उससे पूछा कि वो घर में कब अकेली रहती है?

तो बोली- मैं सुबह साढ़े नौ से डेढ़ बज़े तक अकेली रहती हूँ।

मैं बोला- बहुत बढ़िया है.. अब 5-6 घंटे चुदाई करने में बहुत मजा आएगा…

फिर हमने सोमवार को साढ़े दस बजे उसके घर चुदाई का कार्यक्रम बनाया।

सोमवार के दिन मैं सुबह से ही तैयार हो कर जाने की तैयारी करने लगा। मैं दस बजे घर से निकल गया और दस बज़ कर बीस मिनट पर ही दीपाली के घर पहुँच गया।

उसका घर काफी बड़ा था। उसने पहले मुझे अपना पूरा घर दिखाया फिर अपने बेडरूम में ले गई। मैंने उसे वहाँ जबरदस्त चुम्बन दिया। उसे बाहों में लेकर उसे और जबरदस्त किस दिया … और साथ साथ उसके स्तन दबाने लगा..

दीपाली के होंठ बहुत रसीले थे… मुझे सबसे ज्यादा मजा उसके होंठों को चूमने में आया।

फिर मैं उसके चुचे दबाने लगा। उसके स्तन बहुत बड़े थे और मुझे भी बड़े ही पसंद हैं ..इसलिए मैंने उसके स्तनों का खूब मजा लिया।

फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया..और उसे चूमते हुए उसके वक्ष को ब्रा से आजाद कर दिया। फिर मैंने उसके चुचूकों को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया।

वो मुँह से आह निकलने लगी..

मुझे बड़ा मजा आ रहा था..

उसने कहा- जान, मैं तुम्हारा लंड मुँह में लेना चाहती हूँ..

मैं बोला- जरुर लो मेरी जान …

फिर मैं खड़ा हुआ, उसने मेरा टी-शर्ट उतारा और और मेरे सीने को चाटने लगी। इसमें बड़ा मजा आ रहा था..

फिर उसने मेरी जींस उतारी और मेरे लंड को मुँह में लेने लगी..

थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया जिससे अब वो सिर्फ पैंटी में थी। उसका फिगर बढ़िया होने से पैंटी में बहुत सेक्सी लग रही थी..

फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और चूत को चाटने लगा। चूत से मस्त वाली खुशबू आ रही थी।

मैंने कारण पूछा तो बोली- परफ्यूम लगाया है ..

फिर वो परफ्यूम मैंने भी ले लिया..

फिर उसका पानी आ गया जिसे मैं पी गया..

बहुत अच्छा लगा ..

फिर मैं खड़ा हुआ और अपना साढ़े सात इंच लम्बा लौड़ा उसकी चूत में घुसाया। ३-4 इंच तो आसानी से घुस गया, फिर उसकी चूत थोड़ी टाइट लगी.. मैंने एक धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर ..

अन्दर घुसते ही दीपाली के मुँह से- आह ! मार डाला ! आवाज आई।

लेकिन मुझे पता था यह तो होगा ही ! इसलिए मैंने अपनी स्पीड कायम रखी ..थोडी देर बाद वो सामान्य हो कर बोली- अब बड़ा मजा आ रहा है।

फिर मैं अपनी मस्त चाल में उसे चोदता रहा …

करीब पच्चीस मिनट की चुदाई में हमने बहुत मजे किये..

मैंने कभी बेड पर लिटा कर चोदा तो कभी उसे घोड़ी बनाकर पहले उसकी चूत में अपना बड़ा लंड डाला फिर उसकी गांड में अपना लंड डाला। उसने आज से पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी इसलिए उसकी गांड टाइट थी। मैंने पहले तो थोड़ा धक्का मारा जिससे मेरा आधा लंड उसकी गांड के अन्दर चला गया। फिर मैंने अपनी गति बढ़नी शुरू की जिससे उसकी गांड का छेद खुलता गया ..

फिर मैंने मजे से उसके साथ चुदाई की…

उसे पहली बार गांड चुदाने में बड़ा मजा आया …

हमने उस दिन तीन बार चुदाई की।

मैं साढ़े बारह पर उसके घर से निकल गया क्योकि उसका बेटा आने वाला था..

यारो, मुझे इतने मजे कभी नहीं आये जितने दीपाली को चोदने में आये ….क्योंकि दीपाली का फिगर शानदार है…

आप लोगों को मेरी कहानी और सलाह पसंद आये तो मुझे मेल करना मत भूलना !

प्रकाशित: मंगलवार 16 अगस्त 2011 11:53 pm

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