मेरी मॉम की चुदाई

, 10 February 2006


प्रेषक : नीरज पाण्डे

दोस्तो ! मेरा नाम नीरज है, मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी बताता हूँ। मेरी माँ की उम्र लगभग ४५ साल होगी, वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी है। मेरे पिता बाहर रहते हैं घर में मैं और मम्मी ही होते हैं।

एक दिन हमारे घर में कोई मेहमान आये हुए थे, मेरे रिश्ते की चाचा ! उनकी अभी अभी शादी हुई थी।

हमने उनको एक कमरा सोने को दे दिया और मेरी मम्मी और मैं साथ सो गए।

रात को उनके कमरे से आवाज़ आने लगी तो मेरी नींद खुल गई और मैं इधर उधर देखने लगा तो मैंने देखा कि मम्मी अपने बेड पर नहीं थी। मैं मम्मी को देखने बाहर आया तो मैंने देखा कि मम्मी अपना पेटीकोट उतारकर दरवाज़े के छेद से अंदर देख रही हैं और अपनी चूत में ऊँगली कर रही हैं।

मैं चुपचाप देखता रहा, कुछ नहीं बोला। जब मम्मी झड़ गई तो उठ कर कमरे में आई और मुझे देख कर घबरा गई, बोली- क्या देखा तूने?

मैं बोला- कुछ नहीं !

मॉम बोली- अच्छा चल सो जा !

और हम दोनों सो गए पर मुझे नींद नहीं आ रही थी। अब मैं बार बार माँ की तरफ देख रहा था। मुझे वो बड़ी सेक्सी लग रही थी।

सुबह चाचा लोग चले गए, फिर घर पर हम दोनों ही रह गये। माँ ने नाश्ता बनाया और हम दोनों ने साथ बैठ कर खाया।

मम्मी ने मैक्सी पहन रखी थी और अन्दर से कुछ नहीं पहना था। मुझे लगा कि उनको सेक्स करने का मन हो रहा है। नाश्ता करने के बाद वो बाथरूम में चली गई, बोली-मैं नहाने जा रही हूँ, तू कहीं जाना मत !

मैंने कहा- ठीक है !

फिर मम्मी नहाने चली गई। हमारे बाथरूम के दरवाज़े में एक छेद है। जब मम्मी को गए कुछ देर हो गई तो मैंने छेद पर जा कर देखा कि मम्मी क्या कर रही हैं तो मैंने अन्दर देखा की मम्मी बाथरूम में एक लम्बे बैंगन को अपनी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर कर रही हैं।

मैं यह खेल देखने में मशगूल हो गया। तभी अचानक मम्मी ने दरवाज़ा खोल दिया। मुझे भागने का भी समय नहीं मिला और मैं पकड़ा गया। वो बहुत गुस्से में थी और अंदर जाकर बोली- रुक जा ! तेरी शिकायत तेरे पापा से अभी करती हूँ !

पूरे दिन वो मुझसे नहीं बोली और अलग अलग ही रही। अब रात को जब सोने का समय हुआ तो मुझसे बोली- तू आज मेरे साथ ही सोयेगा !

मैं बोला- क्यों ?

बोली- आज कल तू बहुत गलत बातें सीख रहा है, इसलिए !

मेरा तो मन उनके साथ सोने को हो ही रहा था क्योंकि वो रात को सिर्फ पेटीकोट पहन कर सोती हैं और नीद में उनका पेटीकोट ऊपर खिसक जाता है तो सब कुछ दिखता है।

फ़िर रात को हम सोने चले गए। मैंने पैन्ट पहन रखी थी। वो बोली- चल इसे उतार दे ! सोने में परेशानी होगी !

मैंने कहा- मुझे कोई परेशानी नहीं होगी।

तो बोली- मुझे होगी ! चल उतार !

अब हम दोनों सो गए। माँ बोली- तू क्या देख रहा है ?

मैं बोला- कुछ नहीं !

बोली- सच सच बता ! नहीं तो पापा से बोल दूंगी !

मैं डर के मारे बोला कि रात को आप जब उंगली कर रही थी तो मैंने आप को देखा था। फ़िर सुबह आप सेक्सी लग रही थी तो मेरा मन आपको देखने का कर रहा था तो आपको देखा।

मॉम बोली- तुझे कुछ होता है?

मैं बोला- हाँ, बहुत कुछ होता है !

उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया मेरा तो लौड़ा बिल्कुल खड़ा हो गया।

वो बोली- अब समझी कि तू आजकल क्या कर रहा है।

वो बोली- अब जब तू सब कुछ जानता है तो चल मेरे साथ सब कुछ कर !

मैं बोला- नहीं !

तो बोली- पापा से बोलना है क्या !

मैं बोला- नहीं !

बस फिर क्या था, मैं तो चालू हो गया, उनके पूरे कपड़े उतार कर उनको चाटने लगा और चूत चाट चाट कर तो उनको झाड़ दिया।

मैं बोला- कैसा लगा?

बोली- अच्छा लगा ! लगे रहो !

फ़िर मैंने उनकी चूत मारी ! काफी देर तक मारने के बाद वो झड़ गई, फिर बोली- बेटा ! मज़ा आ गया !

कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया। उस रात हमने चार बार चुदाई की।

अब तो रोज़ ही होता है !

एक दिन मेरे पापा को शक हो गया, लेकिन मम्मी ने बात सम्भाल ली। अब मेरी मम्मी और मैं रोज़ रात को साथ ही सोते हैं। मम्मी और मैं बहुत ही खुश हैं।

को मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करना !

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