चचेरी बहन से प्यार

, 24 October 2007


प्रेषक : लकी

दोस्तों मेरा नाम लकी है और मैं गुजरात के एक छोटे से शहर से हूँ। मेरी उम्र 24 साल है। अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

बात उस समय की है जब में कॉलेज के पहले साल में था। वैसे मैं बहुत ही रोमांटिक किस्म का हूँ पर उस समय तक मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था। तो मेरी बहुत ही इच्छा थी कि मेरी जिंदगी में भी कोई हो और फिर ऐसा हुआ कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।

मेरी एक दूर की बहन है सिमरन (बदला हुआ) जो बहुत ही ख़ूबसूरत है और मेरी और उसकी बहुत ही अच्छी दोस्ती थी। वह मेरे शहर से थोड़ी ही दूर एक गांव में रहती थी और हमारे शहर में कॉलेज में पढ़ रही थी। वह जब भी कॉलेज आती तो मुझसे मिलने जरूर आती थी और मैं भी कभी-कभी उससे मिले बस-स्टैंड चला जाता था।

फिर जब जब दिन बीतते गए और उनका परिवार गाँव छोड़ कर हमारे शहर में ही आ गए। फिर क्या था, मैं रोज़ उससे मिलने उसके घर चला जाता था। फिर मुझे लगा कि शायद मुझे उससे प्यार हो गया है, पर मैं डरता था कि वह मेरी चचेरी बहन है और ऐसा कैसे हो सकता है।

एक दिन जब वह कॉलेज आई तो मुझे फ़ोन कर के बुलाया और कहा- कहीं ऐसी जगह चलते हैं जहाँ कोई न हो !

फिर मैं उसे अपने दोस्त के ऑफिस पर ले गया। वहाँ पर उसने मुझे कहा कि वह मुझसे फ्रेंडशिप करना चाहती है। हालांकि वह भी मुझसे प्यार करती थी पर मुझे साफ़-साफ़ कहना नहीं चाहती थी।

और फिर जब भी हम मिलते और हमें अकेले में मौका मिलता तो वह मेरा हाथ पकड़ कर बातें करती, कभी मेरे गालों पर चूम लेती।

फिर क्या था, मैं भी समझ गया था कि क्या करना है।

एक दिन मैंने मौका देख कर उसके होठों पर चूम लिया और वहाँ से निकल गया। हमने पहले से ही अगले दिन मिलने का कार्यक्रम बनाया हुआ था पर वह नहीं आई और मैं उससे नाराज़ हो गया।

वह दो दिन बाद जब आई तो मैंने उससे बात नहीं की, वह मुझे मनाने लगी। जब मैं नहीं माना तो वह बहुत रोने लगी फिर मैंने उसे चुप किया तो वह मेरी बाँहों में आकर मुझे बेतहाशा चूमने लगी। हमारी चूमा-चाटी करीब 10-15 मिनट तक चली। तब तक मैं और वो पूरे गर्म हो चुके थे।

फिर क्या था, मैंने उससे कहा- तुम मुझे अपने जिस्म में कहाँ तक हक देना चाहती हो?

उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी कमर पर रखा और कहा- यहाँ तक तुम्हारा है !

उसके ऐसा करने से मेरी मुराद टूट गई पर मैंने भी उससे सच्चा प्यार किया था तो कुछ नहीं कहा और उसके स्तन सहलाने लगा। वो गर्म होती जा रही थी और मुझे पागलों की तरह चूम रही थी। फिर मैं उसकी टॉप ऊँची करके ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तन दबाने और चूसने लगा।

थोड़ी देर बाद उसने अपने हाथों से ही अपना टॉप उतार दिया और मुझ से लिपट गई। मैं समझ गया कि वो क्या चाहती है।

मैं भी उसके स्तन चूसने लगा और चूसता हुआ उसके पेट और पीठ तक जा पहुँचा।

उसकी आँखों में अजीब सा नशा छा गया था और मेरा लंड तो पैंट में तम्बू बनाये बैठा था। फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल कर उसे भी हटा दिया और फिर चूमने-चूसने लगा। उसका गोरा बदन देख कर मेरा हाल बहुत ही बुरा हो रहा था। फिर मैं चूमता हुआ नीचे उसकी सलवार तक पहुँच गया और उसका नाड़ा खोलने की कोशिश करने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मना करने लगी।

मैंने उससे वादा किया कि हम आज एक बार ही सेक्स का मज़ा लेंगे उसके बाद मैं कभी उसको सेक्स के लिए नहीं कहूँगा, पर फिर भी वो नहीं मानी और मुझे भी गुस्सा आ गया और मैंने उसको बोल दिया- यहाँ से चली जाओ !

वो रोने लगी, गिड़गिड़ाने लगी कि मैं क्या उससे प्यार नहीं करता हूँ? क्या मैं उसको सिर्फ सेक्स के लिए इस्तेमाल करना चाहता हूँ?

मैंने कहा- नहीं, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ पर आज तो तुम्हें मेरी बात माननी ही पड़ेगी। फिर कभी तुम्हें तंग नहीं करूँगा। अगर तुम मुझसे प्यार करती हो तो अपने कपड़े उतार दो ! मैं दरवाज़ा बन्द करके आता हूँ ! या फिर यहाँ से चली जाओ !

और वो मान गई और कहा- दरवाज़ा बन्द कर दो !

जब मैं दरवाज़ा बन्द करके वापस आया तो वो पूरी नंगी ही मेरे सामने थी।

मैं उसको बाँहों में भर कर चूमने लगा और अपने कपड़े भी निकाल दिए। उसे नीचे चादर बिछा कर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया। मैंने उसकी चूत को बहुत मसला और उसने उसने पानी छोड़ दिया। वो भी आहें भरती हुई मेरे लण्ड का इंतज़ार कर रही थी।

मैंने भी देर न करते हुए अपने लण्ड का सुपारा उसकी चूत पर रख दिया और हल्का सा धक्का मारा पर लण्ड फिसल कर बाहर आ गया।

फिर मैं दोबारा लण्ड घुसाने लगा तो थोड़ा अंदर जाते ही उसको बहुत दर्द होने लगा। मैं रुक गया और उसको चूमने लगा, चूचियाँ चूसने लगा। थोड़ी देर बाद उसके होठों को चूसते हुए एक जोरदार झटका लगाया और वो चीख पड़ी, चूत से खून निकल आया और आँखों से आँसू निकलने लगे।

फिर मैं उसको प्यार से समझाते हुए चूमने लगा। थोड़ी देर बाद जब लगा कि वो गर्म हो गई है तो मैंने अन्दर-बाहर्करना शुरू किया और धीरे धीरे अपनी गति बढ़ा दी और चोदने लगा। अब उसको भी मज़ा आने लगा था। करीब 15 मिनट तक चोदने के बाद वो झड़ चुकी थी और मैं भी अब झड़ने वाला था तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और उसके पेट पर अपना सारा वीर्य निकाल दिया।

उस दिन के बाद करीब दो साल तक हमारे सम्बन्ध बने रहे पर फिर कभी हमने चुदाई नहीं की।

अब वो शादी करके अपने पति के साथ खुश है, हालांकि मैं आज भी उसे नहीं भूल सका हूँ।

मुझे आज भी ऐसे प्यार की तलाश है। मुझे मेल करें !

प्रकाशित: मंगलवार 16 अगस्त 2011 11:53 pm

lucky_261984@yahoo.com

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