राजा के ‘दबे खजाने’ का राज

, 27 February 2014


Dreams of hidden Gold, Minister sends ASI to dig

किसी को सपने में कुछ चमत्कारिक या भविष्य दिखने या फिर देवी-देवताओं के प्रकट होकर कुछ कहने की कहानियाँ नई नहीं हैं। अब इन सपनों पर कितने लोग और कैसे भरोसा करते हैं, यह अलग बात है।

लेकिन उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में एक साधु के सपने पर सरकार ने भरोसा कर लिया है। यह सपना है जमीन में दबे एक हजार टन से ज्यादा के सोने का। अब तो आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को भी इस सपने में सच्चाई दिख रही है।

उन्नाव जिले के गौतम स्टेट के राजा रावराम बक्श सिंह के छिपे खजाने को निकालने के लिए अगले हफ्ते से खुदाई शुरू हो जाएगी। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने दौंड़ियाखेड़ा गांव स्थित टीले में दबे महल के खंडहरों में मार्किंग कर ली है। विशेषज्ञों को दस जगह सोने से भरा खजाना होने की जानकारी मिली है। आर्कियोलॉजी विभाग की कानपुर की टीम शनिवार को मौके पर पहुँच जाएगी।

शोभन सरकार नाम के इस साधु का कहना है कि उसके सपने में राजा रावराम बक्स सिंह आए थे। सपने में उन्होंने शोभन को बताया कि दौंडियाखेड़ा में उनके महल का जो अवशेष है, उसके नीचे एक हजार टन सोना दबा हुआ है। राजा ने सपने में शोभन से कहा कि वह खुदाई करके इस सोने को निकाल ले। गौरतलब है कि राजा रावराम बक्स सिंह ब्रिटिश शासन से लड़ते हुए 1857 में शहीद हो गए थे।

इस सपने के बाद शोभन ने स्थानीय प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार को इस बारे में जानकारी दी। शुरू में सभी ने इसे मजाक ही समझा, लेकिन बात किसी तरह केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत तक पहुँची और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद उन्होंने महल वाली जगह का दौरा किया और इस बारे में प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री और अन्य संबंधित विभागों को पत्र लिखा।

अब आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को भी इस सपने की सच्चाई के संकेत मिल रहे हैं। एएसआई के मनोज कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने मौके पर जाकर सर्वे कर लिया है। शनिवार से उनकी टीम इलाके के प्रिजर्वेशन के लिए पहुँच रही है। इससे पहले टीम ने 3 अक्टूबर को महल के खंडहरों में जाकर दस जगहों पर मार्किंग की थी। विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि जिन दस जगहों पर मार्किंग की गई है वहाँ पर दस से बीस मीटर खुदाई करने पर हाइली कंडक्टिव मैटेरियल (सोना या चांदी) मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक जो मैग्नेटिव फ्रीक्वेंसी उनको इस इलाके में मिली है वह एक हजार टन से भी ज्यादा के मैटेरियल के होने की है।

लखनऊ में शुक्रवार को इस दबे हुए खजाने को लेकर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि जहाँ पर खुदाई होनी हें वहाँ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएँ, सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएँ। खुदाई के दौरान कुछ अवशेष भी मिल सकते हैं। एएसआई के अधिकारियों ने उन्नाव जिला सुरक्षा का बंदोबस्त करने को कह दिया है।

जिस इलाके में खजाने की खुदाई होनी है वह गंगा का किनारा है। टीम का अनुमान है कि यहाँ पर भूजल स्तर 7-8 फुट पर होगा। ऐसे में खुदाई के दौरान दिक्कत हो सकती है। हालांकि मार्क की गई जगहों में कुछ नदी से दूर भी हैं। लेकिन ज्यादातर इलाके गंगा के किनारे से महज चंद मीटर की दूरी पर ही है।

The Archaeological Survey of India is all set to begin digging for a 19th century treasure of 1,000 tonnes of gold after a Hindu sadhu apparently dreamed about it and convinced a Union minister that it could help alleviate some of the country’s financial troubles.

The sadhu, Shobhan Sarkar, reportedly dreamt that Raja Rao Ram Bux Singh, who was martyred fighting the British in 1857, asked him to take control of the gold buried in the remains of his fort in Daundiya Kheda village of Unnao district in Uttar Pradesh.

Sarkar, who has considerable following in the area, informed the local administration, the state government and even the Centre about the dream.

“It was taken as a joke and nobody was serious. Shobhan Sarkar was worried when he heard the government was contemplating taking custody of the gold in various temples. He then asked me to inform the government that nearly 1,000 tonnes of gold is lying in Raja Rao Ram Bux Singh’s fort,” said Swami Om, a disciple of Sarkar.

“We were lucky that Union minister Charan Das Mahant took it seriously and visited the spot and met Shobhan Sarkar. Since then teams of the Geological Survey of India and the ASI are working on it,” he added.

Mahant, who belongs to Chhattisgarh and is minister of state for agriculture and food processing industry, visited the area on September 22 and October 7.

He told The Indian Express that he heard about the hidden treasure from a panditji from Kanpur who visits him frequently.

“He told me that Shobhan Sarkar wanted to meet me. When I met him, he told me about the reserves. He said the quantity was so huge that if the government can excavate it, it could be handy since there was a crisis with the rupee,” Mahant said.

RAO RAM BUX SINGH

Also known as Babu Rao Ram Bux Singh was a great freedom fighter of Biaswara, Unnao. He was talukdar of Daundia Khera, and fought for the freedom of the country against the British. But ultimately his forces were defeated and he was cought at Varanasi and hanged to death in Daundia Khera on 28th of December 1858

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