The Internal Desire


वापिस जाएँ   अन्तर्वासना फ़ोरम > गर्म मसाला > अन्तर्वासना कहानियों पर आपकी राय

Forgot Password?

उत्तर
 
Thread Tools Display Modes
  #1  
Old 01-27-2010, 02:15 PM
kevda's Avatar
kevda kevda is offline
सदस्य
 
Join Date: Nov 2009
Location: मुन्नीरानी के कोठे पर
प्रविष्टियाँ: 426
kevda प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं ...
Default लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

आप सब लेखक लोग अपना वक्त नीकाल के महेनत से सब हिंदी में टाइप कर के कहांनीया बनाते है, वो बढीया काम है,
मैं इसकी सराहना करता हुं क्योकी कहानीया तो मैं भी लीखना चाहता हु लेकीन टाइपींग करने मे बहोत बोर हो जाता हु.
मैं बस इतना कहेना चाहता हु,
की आप में से ज्यादातर लेखक,

बने-बनाये ढांचे में ही कहानी लीखते है, एक नीयमीत वाचक कहानी की पहेली ओर आखरी दो तीन लाइने पढ के ही पुरी कहानी का सार समज ले सकता है, लडकी या ओरत कोनसे डायलोग बोलेगी वो, कीस आसन के बाद कोनसा आसन होगा, लंड 12 इंच का ओर एकरात में पांच बार चुदाइ होगी ये सब भी हरबार रीपीट ही होता है. अरे यार कुछ नया लीखीये तो दिल खुश हो जाए,
अब ये सब ट्रीक पुराने हो गये है, आजकल कहानीया पढने पर मजा नही आता, लंड टाइट नही होता, माइन्ड फ्रेश नही होता.
मैं शिकायत नही बस नीवेदन कर रहा हुं, request कर रहा हुं. जैसे 60-70s के जमाने में एक दोर आया कि बस दो-तीन भाइओ के बीछडने की ही स्टोरी हो, कब क्या होगा आप पहेले से ही बता सकते है, एसा ही बंधियारपन ( stalemate) यहां कहानीयो में आ रहा है.

साहीत्य चाहे मुख्य प्रवाह (mainstream) का हो या अश्लील कहानीयो का, ये बंधियारपन उचित नही है. ओर बदलाव तब ही आयेगा जब मुख्य लेखक नया लीखेंगे, क्योकी यहां 5-6 ही एसे है जो कुछ नवीन तरीके से लीखते है, बाकी सब बस उनका अनुकरण ही करते है, लीग से हटने की कोशीश नही करते है.

बहोत सालो पहेले मेंने इस साइट पे एक कहानी पढी थी, अभी मुजे उसका नाम याद नही लेकीन कसम से उसने क्या बढिया बढिया डायलोग ओर वर्णन लीखे थे कि बस जीतनी बार पढो, माइंड फ्रैश हो जाए ओर मुठ मारने का मन हो जाए.
अभी कीसी बंदे ने प्रगती का अतीत नामकी कहानी लीखी थी- बढिया वर्णन कीये थे लेकीन उसमे चुदाइ का कोइ सीन ही नही आया मुख्य पात्रो के बीच, इसलीए इस वाचक के दिल की प्यास अधुरी रहे गइ.

अब आप लोग सेक्स के वर्णन ओर डायलोग कुछ अलग ढंग से लीखीए, कुछ नया लाइए, आप कोइ कोमेडी स्टोरी लीखीए ये भी मेरी request है.

Reply With Quote
  #2  
Old 02-02-2010, 02:07 PM
stud_2002in stud_2002in is offline
सदस्य
 
Join Date: Jan 2010
प्रविष्टियाँ: 26
stud_2002in प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं ...
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

मुझे अन्तर्वासना की कहानिया बहोत पसंद है, इन्हें पढ़ के मुझे मुठ मारने में बहोत मजा आता है , सभी लेखको को मैं प्रणाम करता हु की वोह मेहनत करके हमारे लिए इतनी अछी कहानिया लिखते है और हमारी जिंदगी में आनंद के पल लाते है !
पर मुझे एक बात कहनी है, मैंने कुछ कहानियों में पढ़ा है जिसमे की आदमी पाहिले औरत के साथ गुदा सम्भोग (anal sex ) करता है और फिर उसके योनी में सम्भोग करता है, यह करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, गुदा में रहने वाले bacteria योनी में बीमारी पैदा कर सकते है , इसलिए गुदा सम्भोग के बाद तुरंत योनी में प्रवेश नहीं करना चाहिये, डॉक्टर भी यही सलाह देते है, इसलिए लेखको से निवेदन है की ऐसी बाते कहानियों में न लिखें जिसे पढके कोई यह करने की चेष्टा कोई करे और उसकी स्त्री सहयोगी को किसी रोग का सामना करना पड़े,
यह बस एक सुझाव है, समजदार को इशारा काफी है
Reply With Quote
  #3  
Old 02-02-2010, 02:15 PM
kevda's Avatar
kevda kevda is offline
सदस्य
 
Join Date: Nov 2009
Location: मुन्नीरानी के कोठे पर
प्रविष्टियाँ: 426
kevda प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं ...
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

Quote:
Originally Posted by stud_2002in प्रविष्टि देखें
........ खतरनाक साबित हो सकता है, गुदा में रहने वाले bacteria योनी में बीमारी पैदा कर सकते है , इसलिए गुदा सम्भोग के बाद तुरंत योनी में प्रवेश नहीं करना चाहिये, डॉक्टर भी यही सलाह देते .....
दोस्त आपने ये लाख रुपये की बात कही, मैने भी कइ कहानीयो मे एसा पढा है.
Reply With Quote
  #4  
Old 02-03-2010, 07:37 PM
गुरूजी's Avatar
गुरूजी गुरूजी is offline
प्रशासक
 
Join Date: Sep 2009
प्रविष्टियाँ: 1,886
गुरूजी has disabled reputation
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

क्या आपने यह कहानी पढ़ी है?
http://www.antarvasna.com/story.php?...e-kheli-holi-1
यह दो भागों में है।
अपने विचार लिखिए।
__________________
हिन्दी में कैसे लिखें !
निन्दक नियरे राखिये, आंगन कुटि छवाय,
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल बने सुभाय।
Reply With Quote
  #5  
Old 02-09-2010, 08:37 AM
gul Hasan gul Hasan is offline
नवागत
 
Join Date: Jan 2010
प्रविष्टियाँ: 9
gul Hasan प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं ...
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

Quote:
Originally Posted by गुरूजी प्रविष्टि देखें
क्या आपने यह कहानी पढ़ी है?
http://www.antarvasna.com/story.php?...e-kheli-holi-1
यह दो भागों में है।
अपने विचार लिखिए।

Dost,

main aapki baat se 100 fesadi muttfik hoon. Maine January 2010 mahine ki
best kahani antarvasana par note kee "Computer Lab men 3 Laudon se chudi".
Agar 4 Laudon se chudati to bahut acchha rahta.

Mujhe Lagta hai antarvasana ke dimaag ka deewaala nikal gaya hai. Itni behuda,
ghatiya aur bekaar kahani ko best story batana vaakayi paathakon ke saath
naainsaafi hai.

yahi baat Dec'09 men kee gayi thi.

Kuchh to sharm karo Guruji. Aur fir aapne jo Niyamak banaaye hain wo kya sirf
nangi pics hi paste karne ke liye rakhe hain ?

Paathakon ke samay ko barbaad karna chhoden.

Mujhe muaaf karna maine apani bebaak raay dee hai aap ko mere khayaal kaise
lage aap bhi likhen.

Aapka

Gul Hasan Khaan Ajmer


gulhasan2u@yahoo.com
Reply With Quote
  #6  
Old 02-09-2010, 09:25 AM
munneraja's Avatar
munneraja munneraja is offline
वरिष्ठतम नियामक
 
Join Date: May 2009
Location: Jaipur
प्रविष्टियाँ: 12,361
munneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond reputemunneraja has a reputation beyond repute
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

अन्तर्वासना फोरम को कहानी विभाग से मत जोडिये
दोनों एकदम से अलग विभाग हैं
और नियामक सिर्फ फोरम पर अपना काम करते हैं
अपनी सोच में संशोधन कर लीजिये
और कहानियों को ग्रेडिंग का काम उनको मिले नम्बर और पाठक संख्या पर आधारित होती है
ये किसी के द्वारा प्रायोजित नहीं है और न ही कुछ व्यक्ति मिलकर ही इसे निर्धारित करते हैं
ये पूर्ण रूप से पाठकों के बहुमत पर आधारित है
__________________
फोरम का एकमात्र नियम पालन कीजिये
सुसभ्य हिंदी भाषा में जवाब दीजिये

हिंदी लिखने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक कीजिये
http://www.google.com/transliterate/indic
Reply With Quote
  #7  
Old 02-10-2010, 01:24 PM
sexyguy sexyguy is offline
सदस्य
 
Join Date: Jun 2009
प्रविष्टियाँ: 44
sexyguy is lost in forum
Thumbs down Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

जनवरी माह में जो कहानी को बेस्ट कहानी कहा गया है मुझे देख कर बहुत बुरा लगा उस कहानी में न तो कोई स्टोरी है एक नंबर की बकवास स्टोरी है अरे जिस स्टोरी की लेखिका/लेखक ही काल्पनिक हो वोह बेस्ट कैसे हो सकती है Meri समझ से baahar है यह बात. इस महीने प्रकाशित हुई एक और कहानी Aanti गुलबदन की जितनी तारीफ की जाये कम है क्यूंकि उसमे एक अनारी को भी सेक्स के बारे में ज्ञान करने के लिए इतना कुछ है ki क्या कहा जाये. हर तरीके से यह कहानी कंप्यूटर लैब मै ३ लौडों से चूड़ी कहानी से बेहतर है . मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और बहुत दुखी हूँ ki ऐसी घटिया कहानी को बेस्ट करार दिया गया है पता नहीं आपके नियामको के मन men क्या चल रहा था जब उसको बेस्ट करार दिया गया. मुझे लगता है meri तरह और भी लोग होंगे जिनको इस बात से ठेस लगी होगी.
jeet
Reply With Quote
  #8  
Old 02-11-2010, 09:40 AM
ptfkbd ptfkbd is offline
वरिष्ठ सदस्य
 
Join Date: Jul 2009
Location: new delhi
प्रविष्टियाँ: 584
ptfkbd प्रसिद्द होने के बहुत निकट हैं ...ptfkbd प्रसिद्द होने के बहुत निकट हैं ...
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

Quote:
Originally Posted by sexyguy प्रविष्टि देखें
जनवरी माह में जो कहानी को बेस्ट कहानी कहा गया है मुझे देख कर बहुत बुरा लगा उस कहानी में न तो कोई स्टोरी है एक नंबर की बकवास स्टोरी है अरे जिस स्टोरी की लेखिका/लेखक ही काल्पनिक हो वोह बेस्ट कैसे हो सकती है Meri समझ से baahar है यह बात. इस महीने प्रकाशित हुई एक और कहानी Aanti गुलबदन की जितनी तारीफ की जाये कम है क्यूंकि उसमे एक अनारी को भी सेक्स के बारे में ज्ञान करने के लिए इतना कुछ है ki क्या कहा जाये. हर तरीके से यह कहानी कंप्यूटर लैब मै ३ लौडों से चूड़ी कहानी से बेहतर है लगता है. अन्तर्वासना पर भी अब चापलूस और चाटुकारों का अधिकार हो गया है. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और बहुत दुखी हूँ ki ऐसी घटिया कहानी को बेस्ट करार दिया गया है पता नहीं आपके नियामको के मन men क्या चल रहा था जब उसको बेस्ट करार दिया गया. मुझे लगता है meri तरह और भी लोग होंगे जिनको इस बात से ठेस लगी होगी.
jeet
sach kaha
Reply With Quote
  #9  
Old 02-11-2010, 10:08 PM
Vicky's Avatar
Vicky Vicky is offline
कर्मठ सदस्य
 
Join Date: May 2009
Location: लखनऊ , नवाबों का शहर
प्रविष्टियाँ: 1,543
Vicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond reputeVicky has a reputation beyond repute
Send a message via Yahoo to Vicky
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

Quote:
Originally Posted by sexyguy प्रविष्टि देखें
जनवरी माह में जो कहानी को बेस्ट कहानी कहा गया है मुझे देख कर बहुत बुरा लगा उस कहानी में न तो कोई स्टोरी है एक नंबर की बकवास स्टोरी है अरे जिस स्टोरी की लेखिका/लेखक ही काल्पनिक हो वोह बेस्ट कैसे हो सकती है Meri समझ से baahar है यह बात. इस महीने प्रकाशित हुई एक और कहानी Aanti गुलबदन की जितनी तारीफ की जाये कम है क्यूंकि उसमे एक अनारी को भी सेक्स के बारे में ज्ञान करने के लिए इतना कुछ है ki क्या कहा जाये. हर तरीके से यह कहानी कंप्यूटर लैब मै ३ लौडों से चूड़ी कहानी से बेहतर है . मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और बहुत दुखी हूँ ki ऐसी घटिया कहानी को बेस्ट करार दिया गया है पता नहीं आपके नियामको के मन men क्या चल रहा था जब उसको बेस्ट करार दिया गया. मुझे लगता है meri तरह और भी लोग होंगे जिनको इस बात से ठेस लगी होगी.
jeet
Quote:
Originally Posted by ritasoni प्रविष्टि देखें
जनवरी माह की सर्वश्रेष्ठ कहानी या मज़ाक ?



अन्तर्वासना के प्रिय पाठको और पाठिकाओ,

आप सभी ने अन्तर्वासना द्वारा घोषित जनवरी महीने की सर्वश्रेष्ठ कहानी
"कंप्यूटर लैब में ****” देखि होगी ?

क्या यह पाठको और अच्छी कहानियों के साथ अन्याय नहीं है ????
शेम …. शेम …. शेम …… यही कहा जा सकता है.

इतनी अच्छी भली साईट का सत्यानाश कर के रख दिया. आप क्या कहते हैं ?

अन्तर्वासना कहानियों की एक पाठिका

रीता
Quote:
Originally Posted by ritasoni प्रविष्टि देखें
Antarvasana kee ek paathika.

Rita Soni
सच्चाई कड़वी होती है ,
सही कहा,
सभी को मिर्ची लगती है ,
सही कहा,
कहानी "अ" पिछले महीने कि महा बेकार कहानी थी , सर्वश्रेष्ठ नही
हो सकता है ,

पर एक बात तो भूल ही गए दोस्त ,
आइना देखे बगैर तो घर से भी नहीं निकलते,
आप प्रविष्टि करने चल पड़े ,
-एक महोदय ने हिंदी में लिखने तक कि जहमत नही उठाई , वो कहानी के स्तर कि बात करते हैं ,
तो ऐसा लगता है कि मै ज़हीर को बोलिंग सिखा रहा हूँ<मैंने भी ५००० अंतर राष्ट्रीय मैच देखे हैं>, यह मजाक नहीं है , जब तक आपने अपने स्तर को नही उठाया , तब तक दूसरों कि निर्यनात्मक आलोचना से परहेज़ रखे, शोभा नही देती.

- खुद कितनी बार कहानी लिखने, या कोशिश करने कि जहमत उठाई ?
- अगर लिखी तो वो किस स्तर कि थी?
- इन "पप्पू" नियामकों को क्या वेतन पर रखा है ? शुक्र मानिए कि इतना काम कर रहे हैं , अपना बहुमूल्य समय दे कर आपका मनोरंजन और ज्ञान वर्धन करने वाली इस साईट को संभाल रहे हैं.
-स्वयं दिन में ३ मिनट के लिए आने वाले जब वरिष्ठ नियामकों पर ऐसी टिपण्णी करेंगे तब हंसी आती है ,आलोचना करो, पर निरपेक्ष हो कर, मर्यादित रह कर.
-पहले ध्यान से देखिये, यहाँ ३-३- साल के नियमित पाठक हैं, आपने ही स्वछता अभियान कि बाग डोर नही थामी है, हमको भी भगवान ने मस्तिष्क दिया है ,
-शर्म करिये आप लोग ऐसी गैर जिममेदाराना टिप्पणियों पर ,
-जाकर वोट करिये कहानियों पर , पढ़ कर बंद कर देते हैं, ऐसे नो वोटर कि क्या महत्ता ?

"That government is best which governs the least, because its people discipline themselves." Thomas Jefferson
Reply With Quote
  #10  
Old 02-12-2010, 06:58 AM
गुरूजी's Avatar
गुरूजी गुरूजी is offline
प्रशासक
 
Join Date: Sep 2009
प्रविष्टियाँ: 1,886
गुरूजी has disabled reputation
Default Re: लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन

“आंटी गुलबदन” के लेखक का व्यथा भरा पत्र मेरे(गुरूजी) नाम
आ. गुरूजी

मैं अपनी अंतिम कहानी “काली टोपी लाल रुमाल” अन्तर्वासना के पाठकों और पाठिकाओं के
लिए भेज रहा हूँ. हालांकि मैंने 3 कहानियां और भी लिखी हैं पर अन्तर्वासना के लिए यह मेरी
अंतिम रचना है. इसके बाद मैं अन्तर्वासना पर कहानियां लिखना बंद कर दूंगा. इसका एक उचित कारण है :
मेरी पिछली कहानी “आंटी गुलबदन” को मेरे पाठकों और पाठिकाओं ने बहुत सराहा पर मुझे दुःख
के साथ कहना पड़रहा है की अन्तर्वासना ने इस कहानी को उचित सम्मान नहीं दिया.
मैंने आज देखा है कि "कम्प्यूटर लैब में तीन लौड़ों से चुदी” नामक कहानी को जनवरी 2010
महीने की सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषित किया गया है. अगर यह निर्णय गुरूजी का है तो मुझे कुछ
नहीं कहना पर अगर यह निर्णय नियामक मंडल ने लिया है तो मुझे खेद के साथ कहना पड़
रहा है कि उन्हें कहानी कि परख ही नहीं है. वो अन्तर्वासना के पाठकों को भ्रमित कर रहे
हैं.
मुझे इस बात का दुःख नहीं है कि मेरी कहानी को क्यों नहीं चुना गया बल्कि दुःख इस बात
का है कि इतनी साधारण कहानी को अन्तर्वासना की सर्वश्रेष्ठ कहानी बताया गया है जो सच
कहूं तो अन्तर्वासना के स्तर और मानकों पर खरी भी नहीं उतरती. कुछ दिनों
पहले मैं एक कहानी पढ़ी थी “STD बूथ में चुदाई” यह कहानी उसे से प्रेरित है. इस तरह
की कहानियों को यदि सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषितकिया गया तो यह अन्तर्वासना की छवि को धूमिल
करेगी.

मुझे आज भी याद पड़ता है आपने एक बार मेरी कहानियों की प्रसंन्सा करते हुए मुझे लिखा
था कि अगर वर्ष की 5 सर्व श्रेष्ठ कहानियों का चयन करना हो तो तुम्हारी “तीन चुम्बन”,
“दो नंबर का बदमाश” और “मेरी अनारकलि” उनमें जरुर होंगी. (तब तक मैंने केवल यही
तीन कहानियाँ लिखी थी)

मैं आपका और अन्तर्वासना का बहुत आभारी हूँ और गर्व के साथ कह सकता हूँ कि जब
अन्तर्वासना ने नया फोरम शुरू किया था सबसे पहले मेरी कहानी “तीन चुम्बन” पहले सूत्र
के रूप में गुरूजी ने ही प्रस्तुत किया था. महीने की सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषित करने की शुरुवात
भी मेरी ही कहानी “सावन जो आग लगाए” से प्रारम्भ हुयी थी.
मैंने सदैव अपनी कहानियों के माध्यम से अपने पाठकों को अच्छे मनोरंजन के साथ साथ
उपयोगी जानकारी भी देने की कोशिश की है. लेकिन मुझे लगता है मैं अपना समय बर्बाद
कर रहा था. चूंकि मैंने अपने पाठकों से “काली टोपी लाल रुमाल” कहानी के बारे में वादा
किया था इस लिए यह कहानी अन्तर्वासना पर भेज रहा हूँ.
इस सम्बन्ध में आपसे एक अंतिम विनती है कि इसे 2-3 भागों में प्रकाशित करने के
बजाय एक ही भाग में प्रेम गुरु की अंतिम कहानी के रूप में प्रकाशित करवा दें तो मैं आपका आभारी
रहूँगा. मुझे उम्मीद है प्रेम गुरु की यह अंतिम प्रार्थना आप
अवश्य मान लेंगे. इतना मान तो इस छोटे से लेखक का अवश्य रखेंगे. यह कहानी मेरी प्रेयशी को
एक श्रद्धांजलिहै जिसकी याद में मैंने आजतक इतनी कहानियां लिखी हैं.

मेरे योग्य कोई भी सेवा हो तो अवश्य लिखें.
मैं विशेष रूप से गुरूजी और अन्तर्वासना के लिए तो सदैव उपलब्ध रहूँगा.

आभार सहित अन्तर्वासना का एक अदना सा लेखक

प्रेमगुरु premguru2u@yahoo.com
__________________
हिन्दी में कैसे लिखें !
निन्दक नियरे राखिये, आंगन कुटि छवाय,
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल बने सुभाय।
Reply With Quote
उत्तर

Thread Tools
Display Modes

प्रविष्टि-नियम
आप नए सूत्र प्रविष्ट नहीं कर सकते
आप उत्तर प्रविष्ट नहीं कर सकते
आप संलग्नक प्रविष्ट नहीं कर सकते
आप अपनी प्रविष्टि का सम्पादन नहीं कर सकते

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off

फ़ोरम बदलें


सभी समय ग्रीनविच औसत समय हैं +5.5. अब समय है 01:04 PM.


Powered by vBulletin® Version 3.8.4
Copyright ©2000 - 2010, Jelsoft Enterprises Ltd.