The Internal Desire |
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#1
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लेखको से एक नियमित वाचक का नम्र निवेदन
आप सब लेखक लोग अपना वक्त नीकाल के महेनत से सब हिंदी में टाइप कर के कहांनीया बनाते है, वो बढीया काम है, मैं इसकी सराहना करता हुं क्योकी कहानीया तो मैं भी लीखना चाहता हु लेकीन टाइपींग करने मे बहोत बोर हो जाता हु. मैं बस इतना कहेना चाहता हु, की आप में से ज्यादातर लेखक, बने-बनाये ढांचे में ही कहानी लीखते है, एक नीयमीत वाचक कहानी की पहेली ओर आखरी दो तीन लाइने पढ के ही पुरी कहानी का सार समज ले सकता है, लडकी या ओरत कोनसे डायलोग बोलेगी वो, कीस आसन के बाद कोनसा आसन होगा, लंड 12 इंच का ओर एकरात में पांच बार चुदाइ होगी ये सब भी हरबार रीपीट ही होता है. अरे यार कुछ नया लीखीये तो दिल खुश हो जाए, अब ये सब ट्रीक पुराने हो गये है, आजकल कहानीया पढने पर मजा नही आता, लंड टाइट नही होता, माइन्ड फ्रेश नही होता. मैं शिकायत नही बस नीवेदन कर रहा हुं, request कर रहा हुं. जैसे 60-70s के जमाने में एक दोर आया कि बस दो-तीन भाइओ के बीछडने की ही स्टोरी हो, कब क्या होगा आप पहेले से ही बता सकते है, एसा ही बंधियारपन ( stalemate) यहां कहानीयो में आ रहा है. साहीत्य चाहे मुख्य प्रवाह (mainstream) का हो या अश्लील कहानीयो का, ये बंधियारपन उचित नही है. ओर बदलाव तब ही आयेगा जब मुख्य लेखक नया लीखेंगे, क्योकी यहां 5-6 ही एसे है जो कुछ नवीन तरीके से लीखते है, बाकी सब बस उनका अनुकरण ही करते है, लीग से हटने की कोशीश नही करते है. बहोत सालो पहेले मेंने इस साइट पे एक कहानी पढी थी, अभी मुजे उसका नाम याद नही लेकीन कसम से उसने क्या बढिया बढिया डायलोग ओर वर्णन लीखे थे कि बस जीतनी बार पढो, माइंड फ्रैश हो जाए ओर मुठ मारने का मन हो जाए. अभी कीसी बंदे ने प्रगती का अतीत नामकी कहानी लीखी थी- बढिया वर्णन कीये थे लेकीन उसमे चुदाइ का कोइ सीन ही नही आया मुख्य पात्रो के बीच, इसलीए इस वाचक के दिल की प्यास अधुरी रहे गइ. अब आप लोग सेक्स के वर्णन ओर डायलोग कुछ अलग ढंग से लीखीए, कुछ नया लाइए, आप कोइ कोमेडी स्टोरी लीखीए ये भी मेरी request है. |
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#2
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मुझे अन्तर्वासना की कहानिया बहोत पसंद है, इन्हें पढ़ के मुझे मुठ मारने में बहोत मजा आता है , सभी लेखको को मैं प्रणाम करता हु की वोह मेहनत करके हमारे लिए इतनी अछी कहानिया लिखते है और हमारी जिंदगी में आनंद के पल लाते है !
पर मुझे एक बात कहनी है, मैंने कुछ कहानियों में पढ़ा है जिसमे की आदमी पाहिले औरत के साथ गुदा सम्भोग (anal sex ) करता है और फिर उसके योनी में सम्भोग करता है, यह करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, गुदा में रहने वाले bacteria योनी में बीमारी पैदा कर सकते है , इसलिए गुदा सम्भोग के बाद तुरंत योनी में प्रवेश नहीं करना चाहिये, डॉक्टर भी यही सलाह देते है, इसलिए लेखको से निवेदन है की ऐसी बाते कहानियों में न लिखें जिसे पढके कोई यह करने की चेष्टा कोई करे और उसकी स्त्री सहयोगी को किसी रोग का सामना करना पड़े, यह बस एक सुझाव है, समजदार को इशारा काफी है |
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#3
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दोस्त आपने ये लाख रुपये की बात कही, मैने भी कइ कहानीयो मे एसा पढा है.
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#4
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क्या आपने यह कहानी पढ़ी है?
http://www.antarvasna.com/story.php?...e-kheli-holi-1 यह दो भागों में है। अपने विचार लिखिए।
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हिन्दी में कैसे लिखें ! निन्दक नियरे राखिये, आंगन कुटि छवाय, बिन पानी साबुन बिना, निर्मल बने सुभाय। |
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#5
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Dost, main aapki baat se 100 fesadi muttfik hoon. Maine January 2010 mahine ki best kahani antarvasana par note kee "Computer Lab men 3 Laudon se chudi". Agar 4 Laudon se chudati to bahut acchha rahta. Mujhe Lagta hai antarvasana ke dimaag ka deewaala nikal gaya hai. Itni behuda, ghatiya aur bekaar kahani ko best story batana vaakayi paathakon ke saath naainsaafi hai. yahi baat Dec'09 men kee gayi thi. Kuchh to sharm karo Guruji. Aur fir aapne jo Niyamak banaaye hain wo kya sirf nangi pics hi paste karne ke liye rakhe hain ? Paathakon ke samay ko barbaad karna chhoden. Mujhe muaaf karna maine apani bebaak raay dee hai aap ko mere khayaal kaise lage aap bhi likhen. Aapka Gul Hasan Khaan Ajmer gulhasan2u@yahoo.com ![]()
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#6
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अन्तर्वासना फोरम को कहानी विभाग से मत जोडिये
दोनों एकदम से अलग विभाग हैं और नियामक सिर्फ फोरम पर अपना काम करते हैं अपनी सोच में संशोधन कर लीजिये और कहानियों को ग्रेडिंग का काम उनको मिले नम्बर और पाठक संख्या पर आधारित होती है ये किसी के द्वारा प्रायोजित नहीं है और न ही कुछ व्यक्ति मिलकर ही इसे निर्धारित करते हैं ये पूर्ण रूप से पाठकों के बहुमत पर आधारित है
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फोरम का एकमात्र नियम पालन कीजिये सुसभ्य हिंदी भाषा में जवाब दीजिये हिंदी लिखने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक कीजिये http://www.google.com/transliterate/indic |
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#7
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जनवरी माह में जो कहानी को बेस्ट कहानी कहा गया है मुझे देख कर बहुत बुरा लगा उस कहानी में न तो कोई स्टोरी है एक नंबर की बकवास स्टोरी है अरे जिस स्टोरी की लेखिका/लेखक ही काल्पनिक हो वोह बेस्ट कैसे हो सकती है Meri समझ से baahar है यह बात. इस महीने प्रकाशित हुई एक और कहानी Aanti गुलबदन की जितनी तारीफ की जाये कम है क्यूंकि उसमे एक अनारी को भी सेक्स के बारे में ज्ञान करने के लिए इतना कुछ है ki क्या कहा जाये. हर तरीके से यह कहानी कंप्यूटर लैब मै ३ लौडों से चूड़ी कहानी से बेहतर है . मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और बहुत दुखी हूँ ki ऐसी घटिया कहानी को बेस्ट करार दिया गया है पता नहीं आपके नियामको के मन men क्या चल रहा था जब उसको बेस्ट करार दिया गया. मुझे लगता है meri तरह और भी लोग होंगे जिनको इस बात से ठेस लगी होगी.
jeet |
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#8
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#9
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सही कहा, सभी को मिर्ची लगती है , सही कहा, कहानी "अ" पिछले महीने कि महा बेकार कहानी थी , सर्वश्रेष्ठ नही हो सकता है , पर एक बात तो भूल ही गए दोस्त , आइना देखे बगैर तो घर से भी नहीं निकलते, आप प्रविष्टि करने चल पड़े , -एक महोदय ने हिंदी में लिखने तक कि जहमत नही उठाई , वो कहानी के स्तर कि बात करते हैं , तो ऐसा लगता है कि मै ज़हीर को बोलिंग सिखा रहा हूँ<मैंने भी ५००० अंतर राष्ट्रीय मैच देखे हैं>, यह मजाक नहीं है , जब तक आपने अपने स्तर को नही उठाया , तब तक दूसरों कि निर्यनात्मक आलोचना से परहेज़ रखे, शोभा नही देती. - खुद कितनी बार कहानी लिखने, या कोशिश करने कि जहमत उठाई ? - अगर लिखी तो वो किस स्तर कि थी? - इन "पप्पू" नियामकों को क्या वेतन पर रखा है ? शुक्र मानिए कि इतना काम कर रहे हैं , अपना बहुमूल्य समय दे कर आपका मनोरंजन और ज्ञान वर्धन करने वाली इस साईट को संभाल रहे हैं. -स्वयं दिन में ३ मिनट के लिए आने वाले जब वरिष्ठ नियामकों पर ऐसी टिपण्णी करेंगे तब हंसी आती है ,आलोचना करो, पर निरपेक्ष हो कर, मर्यादित रह कर. -पहले ध्यान से देखिये, यहाँ ३-३- साल के नियमित पाठक हैं, आपने ही स्वछता अभियान कि बाग डोर नही थामी है, हमको भी भगवान ने मस्तिष्क दिया है , -शर्म करिये आप लोग ऐसी गैर जिममेदाराना टिप्पणियों पर , -जाकर वोट करिये कहानियों पर , पढ़ कर बंद कर देते हैं, ऐसे नो वोटर कि क्या महत्ता ? "That government is best which governs the least, because its people discipline themselves." Thomas Jefferson
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हिंदी प्रेमियों, मुझे क्लिक करो हिंदी लिखने के लिए मुझे क्लिक करें फोरम के नियमों का पालन करें |
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#10
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“आंटी गुलबदन” के लेखक का व्यथा भरा पत्र मेरे(गुरूजी) नाम
आ. गुरूजी मैं अपनी अंतिम कहानी “काली टोपी लाल रुमाल” अन्तर्वासना के पाठकों और पाठिकाओं के लिए भेज रहा हूँ. हालांकि मैंने 3 कहानियां और भी लिखी हैं पर अन्तर्वासना के लिए यह मेरी अंतिम रचना है. इसके बाद मैं अन्तर्वासना पर कहानियां लिखना बंद कर दूंगा. इसका एक उचित कारण है : मेरी पिछली कहानी “आंटी गुलबदन” को मेरे पाठकों और पाठिकाओं ने बहुत सराहा पर मुझे दुःख के साथ कहना पड़रहा है की अन्तर्वासना ने इस कहानी को उचित सम्मान नहीं दिया. मैंने आज देखा है कि "कम्प्यूटर लैब में तीन लौड़ों से चुदी” नामक कहानी को जनवरी 2010 महीने की सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषित किया गया है. अगर यह निर्णय गुरूजी का है तो मुझे कुछ नहीं कहना पर अगर यह निर्णय नियामक मंडल ने लिया है तो मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि उन्हें कहानी कि परख ही नहीं है. वो अन्तर्वासना के पाठकों को भ्रमित कर रहे हैं. मुझे इस बात का दुःख नहीं है कि मेरी कहानी को क्यों नहीं चुना गया बल्कि दुःख इस बात का है कि इतनी साधारण कहानी को अन्तर्वासना की सर्वश्रेष्ठ कहानी बताया गया है जो सच कहूं तो अन्तर्वासना के स्तर और मानकों पर खरी भी नहीं उतरती. कुछ दिनों पहले मैं एक कहानी पढ़ी थी “STD बूथ में चुदाई” यह कहानी उसे से प्रेरित है. इस तरह की कहानियों को यदि सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषितकिया गया तो यह अन्तर्वासना की छवि को धूमिल करेगी. मुझे आज भी याद पड़ता है आपने एक बार मेरी कहानियों की प्रसंन्सा करते हुए मुझे लिखा था कि अगर वर्ष की 5 सर्व श्रेष्ठ कहानियों का चयन करना हो तो तुम्हारी “तीन चुम्बन”, “दो नंबर का बदमाश” और “मेरी अनारकलि” उनमें जरुर होंगी. (तब तक मैंने केवल यही तीन कहानियाँ लिखी थी) मैं आपका और अन्तर्वासना का बहुत आभारी हूँ और गर्व के साथ कह सकता हूँ कि जब अन्तर्वासना ने नया फोरम शुरू किया था सबसे पहले मेरी कहानी “तीन चुम्बन” पहले सूत्र के रूप में गुरूजी ने ही प्रस्तुत किया था. महीने की सर्वश्रेष्ठ कहानी घोषित करने की शुरुवात भी मेरी ही कहानी “सावन जो आग लगाए” से प्रारम्भ हुयी थी. मैंने सदैव अपनी कहानियों के माध्यम से अपने पाठकों को अच्छे मनोरंजन के साथ साथ उपयोगी जानकारी भी देने की कोशिश की है. लेकिन मुझे लगता है मैं अपना समय बर्बाद कर रहा था. चूंकि मैंने अपने पाठकों से “काली टोपी लाल रुमाल” कहानी के बारे में वादा किया था इस लिए यह कहानी अन्तर्वासना पर भेज रहा हूँ. इस सम्बन्ध में आपसे एक अंतिम विनती है कि इसे 2-3 भागों में प्रकाशित करने के बजाय एक ही भाग में प्रेम गुरु की अंतिम कहानी के रूप में प्रकाशित करवा दें तो मैं आपका आभारी रहूँगा. मुझे उम्मीद है प्रेम गुरु की यह अंतिम प्रार्थना आप अवश्य मान लेंगे. इतना मान तो इस छोटे से लेखक का अवश्य रखेंगे. यह कहानी मेरी प्रेयशी को एक श्रद्धांजलिहै जिसकी याद में मैंने आजतक इतनी कहानियां लिखी हैं. मेरे योग्य कोई भी सेवा हो तो अवश्य लिखें. मैं विशेष रूप से गुरूजी और अन्तर्वासना के लिए तो सदैव उपलब्ध रहूँगा. आभार सहित अन्तर्वासना का एक अदना सा लेखक प्रेमगुरु premguru2u@yahoo.com
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हिन्दी में कैसे लिखें ! निन्दक नियरे राखिये, आंगन कुटि छवाय, बिन पानी साबुन बिना, निर्मल बने सुभाय। |
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