जूही और आरोही की चूत की खुजली-26

पिंकी सेन

हैलो दोस्तो, आज आपके सामने स्टोरी का क्लाइमैक्स पेश कर रही हूँ आई होप सारे राज आज खुल जाएँगे और जिन दोस्तों ने मेल करके तारीफ की, उनका दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ। दोस्तों आपको मज़ा आ रहा है, यही मेरा मकसद है कि आपको बस मज़ा आना चाहिए। लीजिए आज का भाग आपके सामने है।
अब तक आपने पढ़ा…
रेहान को वीडियो के जरिए सब पता चल जाता है और वो एक प्लान बनाता है। सचिन अंकित और संजू को बहला-फुसला कर बेसमेंट में ले आता है। वो दोनों बस लड़की के चक्कर में वहाँ आए थे और बकवास किए जा रहे थे कि लड़की कहाँ है वगैरह-वगैरह…!
तभी वहाँ साहिल और रेहान एक साथ आ जाते हैं।
अब आगे-रेहान को आता देख सचिन दोनों की तरफ मुस्कुराता हुआ कहता है।
सचिन- वो देख सीढ़ियों पर तुम्हारी आइटम आ रही है और मैंने एक कहा था न, यहाँ दो कच्ची कलियां आ रही हैं। अब तो तुम दोनों के मज़े है यारों ऐश करो…!
रेहान- यहाँ हैं आइटम… गौर से देखो, एक नहीं दो हैं, क्यों पसन्द आई क्या?
उन दोनों की तो गाण्ड ही फट गई थी, क्योंकि रेहान के हाथ में गन थी और आँखों में गुस्सा भरा हुआ था।
अंकित- ये ये ये क्या है… सचिन कौन है ये..? अई..ईई… और इसने गन क्यों तान रखी है?
साहिल- मैं बताता हूँ मादरचोदो तुमको रूको…!
इतना बोलकर साहिल उनके पास जाता है और दोनों को डराने लगता है।
रेहान- बस साहिल रुक जाओ, इनको खुराक मिलेगी तभी ये तोते की तरह बोलेंगे, छोड़ दो इनको।
दोनों साइड में हो जाते हैं और उन दोनों की तो हालत खराब हो रही थी। उनको कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था।
रेहान- हाँ तो अब शुरू हो जाओ, बताओ आरोही के साथ मिलकर क्या प्लान बनाया था और सिमरन के साथ आरोही की क्या दुश्मनी थी, जो उसने उसको तुम कुत्तों के पास मरने के लिए छोड़ दिया।
संजू- क क कौन आरोही..कौन सिमरन.. हमें कुछ नहीं पता..ह ह..हमें तो ये सचिन लाया यहाँ स साला बोला आज झकास आइटम हाथ लगी है चलो मज़ा करते हैं।
सचिन आगे बढ़कर उसको एक मुक्का दिखाता है।
सचिन- बता साले, भाई जो पूछ रहा है वरना तुम दोनों की लाश भी कोई पहचान नहीं पाएगा समझे…!
अंकित- ओके बताता हूँ, पर तुम हो कौन आख़िर ये सब क्यों जानना चाहते हो?
रेहान- देखो हमको आरोही से बदला लेना है इसलिए ये सब पूछ रहे हैं। हम जानते हैं तुम दोनों ने सिमरन के साथ क्या किया था, पर इसमें आरोही का क्या रोल था.. वो बताओ?
संजू- भाई कसम से, उस रंडी के साथ तो हमको भी बदला लेना है साली सारा गेम खुद बनाई, वो लड़की को मारने के बाद कई महीनों तक छुपते हम फिरे और अब साली बोलती है कि कौन हो तुम… मैं तुमको नहीं जानती…!
सचिन- ऐसा क्यों कहा उसने…!
अंकित- भाई आप तो जानते हो, हम दोनों टपोरी लड़के हैं पैसों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। आरोही के कहने पर हमने ये सब किया, साली ने पैसे देने से इन्कार कर दिया और कहा ज़्यादा बात की तो सब कुछ पुलिस को बता देगी। मादरचोदी ने मोबाइल में हमारी वीडियो बना लिया था। जब हम सिमरन के साथ मज़ा कर रहे थे।
ये सुनते ही साहिल को गुस्सा आ गया और वो उन दोनों को मारने के लिए आगे बढ़ा। बड़ी मुश्किल से रेहान ने वहाँ से उसको हटाया और एक साइड बैठा दिया।
रेहान- अरे यार प्लीज़ रूको, पूरी बात तो जान लो पहले…!
संजू- पानी आ पानी पिला दो, बहुत प्यास लगी है आह…!
सचिन उनको पानी पिलाता है और आगे की बात बोलने को कहता है।
अंकित- देखो भाई मैं शुरू से आपको बताता हूँ आरोही और उसकी बहन जूही स्कूल की सबसे टॉप की आइटम थीं और कई लड़के उनके पीछे लट्टू की तरह घूमते थे। मैं और संजू तो हर वक़्त मौके की तलाश में रहते कि कब इनकी चूत को चोदें, लेकिन साली रंडी बहुत तेज़ है, हाथ ही नहीं आती। कोई 6 महीने पहले दुबई से सिमरन यहाँ आई और पता नहीं कैसे पर कुछ ही दिनों में आरोही की वो बेस्ट-फ्रेंड बन गई।
सिमरन की उम्र कोई 18 की होगी और उसका फिगर क़यामत था क़यामत, 32″ के नुकीले मम्मे, जिनको देखते ही आदमी का लौड़ा झनझना जाए और उसकी कमर 28″ की उसकी एकदम हिरनी जैसी चाल थी और गाण्ड का क्या बताऊँ, 34″ की बाहर को निकली हुई। ये तो वो शरीफ किस्म की थी, जो सलवार-कमीज़ पहनती थी। अगर जींस पहन कर चले तो कसम से लौड़ा उसको देखते ही पानी छोड़ देता।
अपनी बहन के बारे में ये सब गंदी बातें साहिल को बर्दाश्त नहीं हुई और वो दोबारा उठ कर उसको मारने के लिए आगे बढ़ा, पर रेहान ने उसको रोक दिया।
रेहान- साहिल प्लीज़ रूको, इनको बोलने दो अगर ये शॉर्ट में बताएँगे तो हमें अधूरी बात पता चलेगी, प्लीज़ थोड़ा सब्र करो।
सचिन- हाँ साले बोल, सिमी की तारीफ बहुत हो गई, आरोही की बेस्ट फ्रेण्ड होने के बाद ऐसा क्या हुआ, जो उसने ये सब किया? वो बता..!
संजू- भाई आप शुरू से सुनोगे, तब समझ आएगा न…! अंकित सिमरन की तारीफ कर रहा है, सारी बात इसी बात से जुड़ी है। आप सुनो तो प्लीज़…!
रेहान- ओके बोलो अंकित, अब साहिल कुछ नहीं कहेगा।
अंकित- भाई सिमरन बहुत ज़्यादा खूबसूरत थी। उसकी नीली आँखे लंबे-लंबे बाल और सबसे ज़्यादा उसकी सादगी पर सब फिदा थे आरोही उसके आते ही उसकी दोस्त बन गई थी। एक बात है सिमरन के आने के बाद आरोही की वैल्यू कम हो गई। अब लड़के सिमरन के नाम की ‘आह’ भरने लगे थे। एक दिन स्कूल के किसी दोस्त की बर्थ-डे की पार्टी में सिमरन ने ब्लैक साड़ी पहनी थी और साज-सिंगार करके आई थी।
बस सब ने जो सिमरन की तारीफ की, मैं क्या बताऊँ आपको दोनों बहनों की झाँटें सुलग कर राख हो गईं थी।
संजू- हाँ भाई मैंने कहा सिमरन तुम्हारे सामने तो आरोही की चमक फीकी पड़ गई है। कहाँ तुम स्कूल की हिरोइन बनी फिरती थीं और अब देखो ये कोई राजकुमारी लगती है और तुम इसकी दासी हा हा हा हा हा।
अंकित- हाँ भाई सब के सब ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे। सिमरन ने सब को डांटा भी। आरोही के पास जाकर उसको तसल्ली भी दी, पर वो बहुत गुस्सा हो गई थी।
दोनों बहनें वहाँ से चली गईं। सिमरन का मूड भी ऑफ हो गया और वो भी चली गई।
संजू- अब आपको बताता हूँ उस दिन के एक दिन बाद आरोही हमारे पास आई थी।
दोस्तों ऐसे आपको शायद मज़ा नहीं आ रहा होगा, तो चलो स्टोरी को सीधे वहीं ले चलती हूँ, ताकि आपको आराम से सारी बात समझ आ जाए।
अंकित- ओह्ह वाउ आरोही आज तो मस्त लग रही हो।
आरोही- बस अपनी बकवास बन्द करो, रात को तो बड़े दाँत निकाल कर हंस रहे थे तुम दोनों…!
संजू- सॉरी बाबा, एक बात कहूँ बुरा ना मानना सिमरन खूबसूरत तो बहुत है, पर तुम्हारी तरह स्टाइलिश नहीं है। वो सीधी-साधी है बेचारी…!
आरोही- बस अब मेरे सामने उसकी तारीफ मत करो और वो कोई सीधी नहीं है कुत्ती, जानबूझ कर इतना तैयार होकर आई थी ताकि सब उसके पीछे लट्टू हो जाएं। अब तुम दोनों मेरी मदद करो, मुझे उससे अपनी इस बेइज्जती का बदला लेना है।
अंकित- ओह्ह वाउ रानी को बदला लेना है, पर इसमे हमारा क्या फायदा होगा ये तो बताओ?
आरोही- पैसों से बढ़ कर इस दुनिया में कुछ नहीं है, अपना मुँह खोलो कितना लोगे?
अंकित- वो बाद में पहले करना क्या होगा वो बताओ?
आरोही- देखो प्लान तो मेरे पास नहीं है, पर कल रात मैंने गुस्से में घर में तोड़-फोड़ की, तब जूही ने कहा कि तेज़ाब से उसका चेहरा जला दो, मगर मेरा भाई राहुल कहता है पुलिस का चक्कर हो जाएगा। स्कूल में सब के सामने उसका मुँह काला कर दो अपने आप जलील हो जाएगी… साली।
अंकित- तो तुमने क्या सोचा?
आरोही- ये सब नहीं मुझे कुछ बड़ा करना है ताकि वो किसी को हमारा नाम भी ना बताए और सारी उमर लोग उसको देख कर हँसे भी।
अंकित- ऐसा क्या सोचा है बताओ तो?
आरोही- देखो हम उसे नींद की गोली देकर उसका न्यूड एमएमएस बना लेंगे और उसके चेहरे पर तेज़ाब की एक-दो बूंदे गिरा देंगे जिससे चेहरा जलेगा भी नहीं और दाग भी हो जाएगा और वो किसी को ये नहीं बता पाएगी क्योंकि हम उसको एमएमएस की धमकी देंगे।
संजू- वाउ.. क्या प्लान है, पर इसमें हम क्या करेंगे..? ये सब तो तुम खुद भी कर सकती हो और न्यूड एमएमएस वाउ.. मज़ा आ जाएगा…!
आरोही- नहीं इतना सब मुझसे नहीं होगा, मैं उसको ले आऊँगी, बाकी काम तुमको ही करना है ओके…!
अंकित- ओके हो जाएगा 20000 लगेंगे और कब करना है कहाँ लाओगी उसको?
आरोही- जगह का भी तुम ही बताओ?
संजू- मेरे अंकल के घर में ले आना, वहाँ कोई नहीं है सब कुछ दिनों के लिए गाँव गए हैं।
आरोही- ओके कहाँ है, पता बता दो मुझे? कल सुबह ही उसको ले आती हूँ नींद की गोली तुम ले आना ओके..!
अंकित- ओके, पर उसको लाओगी कैसे?
आरोही- वो मेरा टेन्शन है, बस कल तैयार रहना, तेज़ाब लाना भूलना मत, कल सुबह 9 बजे वहाँ पर मैं उसको ले आऊँगी।
संजू उसको पता बता देता है और उसके जाने के बाद।
संजू- यार अंकित न्यूड एमएमएस मतलब सिमरन नंगी हमारे सामने होगी। यार अच्छा मौका है साली को रगड़ देंगे कल।

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अंकित- लेकिन आरोही का क्या करेंगे?
संजू- अरे उसके प्लान का उसी पर इस्तेमाल करेंगे, एक गोली उसको भी टिका देंगे, साली बहुत ज़्यादा स्मार्ट बनती है, सिमरन के साथ-साथ उसका भी एमएमएस बना देंगे भाई सोचो दोनों टॉप की आइटम कल हमारे हाथ लगने वाली हैं, मज़ा आ जाएगा…!
अंकित- हाँ यार अब तू देख मैं कल नींद की नहीं, कोई और ही गोली लाता हूँ। दोनों को खिला कर मज़ा करेंगे हा हा हा हा हा…!
इन दोनों की बातें सुनकर रेहान का तो सर चकरा गया था। आरोही इस हद तक जा सकती है, ये तो उसने सोचा भी नहीं था। साहिल भी एकदम चुप उनकी बातें सुन रहा था।
सचिन- अरे बाप रे साली राण्ड ऐसा गेम खेली और मादरचोदो तुम उसके भी बाप निकले। हाँ आगे बताओ, क्या आरोही के साथ भी उस दिन तुमने खेल खेला? कौन सी गोली लाए थे? बताओ सालों मुझे जानना है सारी बात?
अंकित- हाँ बताता हूँ भाई, मैंने वो गोली लाया था जो ड्रग्स की तरह काम करती है। इसे लेने के बाद इंसान होश में तो रहता है लेकिन दिमाग़ सुन्न हो जाता है और इससे सेक्सी फीलिंग्स आती हैं। कपड़े निकाल फेंकने का मन करता है। बड़ी मुश्किल से मैंने गोलियों का बंदोबस्त किया था। दूसरे दिन सुबह 9 बजे आरोही और सिमरन वहाँ आ गए।
रेहान- चुप क्यों हो गया, बोल साले आगे क्या हुआ?
अंकित ने सीढ़ियों की तरफ इशारा किया। वहाँ कोई खड़ा आराम से इनकी बात सुन रहा था। सब की नज़र एक साथ सीढ़ी की ओर गई।
उपप्प्स सॉरी फ्रेण्ड आज का भाग खत्म हो गया। मैं जानती हूँ आप कहेंगे की खड़े लण्ड पर धोखा कर देती हूँ। चिंता मत करो मुझे आपके लौड़े खड़ा करना आता है। फ्रेण्ड एक ही भाग में पूरी कहानी नहीं लिख सकती न…! और इतने राज आपके सामने आ गए। अब आगे क्या होगा? क्या आरोही भी उन दोनों का सीकर होगी या नहीं? ये अचानक सीढ़ियों पर कौन आ गया? इन सब सवालों के जवाब आप जानते हो कब और कहा मिलेंगे? तो जल्दी से मेरी आईडी [email protected] पर मेल करो और आज के भाग के बारे में अपनी राय दो ताकि जल्द से जल्द मैं आगे का भाग लिखूँ।
ओके दोस्तो, बाय।

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