Love Pyar Muhabbat Shayari, Poetry – प्यार-मुहब्बत प्रेम पर शेरो-शायरी कवितायें

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Love प्रेम, प्यार-मुहब्बत पर शेरो-शायरी कवितायें प्रेमी-प्रेमिका के मिलने-बिछड़ने जुदाई का दर्द, इक प्यार का नगमा है ! Shero Shayari, Love Poetry

बिरहा की रातें सूनी सड़कें HOT!

By Antarvasna On 2015-05-29 Tags:

बिरहा की रातें, सूनी सड़कें और गमों की आहटें इन पर चलते चलते सुनी हैं मैंने अपने पांवों से टूटते सूखे पत्तों की सरसराहटें बिरहा की रातें, सूनी सड़कें और गमों की आहटें एक भटका हुआ मुसाफिर हूँ मैं मेरी आहों में, मेरी निगाहों में बसी हैं तेरी चंद मुलाकातें महरूम रखते हैं मुझको तुझको […]

लव शायरी

By *** On 2015-05-28 Tags:

अगर तेरी नजर कत्ल करने में माहिर है तो सुन ले ज़रा …… हम भी मर मर कर ज़ीने में उस्ताद हैं !! *** तेरी बेरुखी से छिन गई हैं शरारतें हमारी.. और लोग समझते हैं कि हम सुधर गए हैं ! *** पता तो हमें भी था कि लोग बदल जाते हैं.. मगर हमने […]

दरिया ए मुहब्बत HOT!

By Antarvasna On 2015-05-24 Tags:

अगर कश्ती ए इश्क में आना चाहते हो सोच लो दरिया ए मुहब्बत का किनारा नहीं होता… — मुश्किल बस इतनी है हमें जताना नहीं आता इल्ज़ाम ये लगा है कि हमें निभाना नहीं आता…

टूटा हुआ दिल HOT!

By Antarvasna On 2015-05-23 Tags:

बहते हुए दरिया को क्या मोड़ेगा कोई बिखरे जो अरमान क्या जोड़ेगा कोई चल फिर एक बार मुहब्बत करते हैं अब टूटा हुआ दिल है क्या तोड़ेगा कोई…

हमारी जिन्दगी HOT!

By Antarvasna On 2015-05-22 Tags:

मालूम नहीं वो पास थे हमारे या हम पास थे उनके… हमें तो बस इतना याद है कि वो एक पल थी और उस पल में हमारी जिन्दगी थी..

इंतजार रात का HOT!

By सरिता रोहित On 2015-05-21 Tags:

होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का शायद नज़रों से वो बात हो जाये इस उम्मीद में करते हैं इंतजार रात का कि शायद सपनों में ही मुलाकात हो जाये… *** ख़ामोश पलकों से जब आँसू आते हैं आप क्या जानें कि आप कितने याद आते हैं आज भी उस मोड़ पे खड़े हैं […]

तमाम उमर साथ तेरा

By Antarvasna On 2015-05-20 Tags:

निभा सकता हूँ मैं तमाम उमर साथ तेरा मगर आपनी ज़िंदगी पर मुझे यक़ीन नहीं मेरे मरने पर भी रहोगी तुम पास मेरे मगर हूंगा उस वक़्त भी मैं तुम्हारे साथ नहीं !

जज्बातों को समझो

By Antarvasna On 2015-05-19 Tags:

Hindi Love Shayari : ख़ुशी में याद ना आयें, गम में याद कर लो.. काफी है.. रोज याद ना आयें.. जिन्दगी में याद रखो.. काफी है.. मस्ती में याद ना आयें तन्हाई में याद करो.. काफी है..

मेरे ख्वाबों में आ जाना

By Antarvasna On 2015-05-17 Tags:

रात की तन्हाई में अकेले थे हम दर्द की महफ़िलों में रो रहे थे हम आप हमारे भले ही कुछ नहीं लगते पर फिर भी आपके बिना बिल्कुल अधूरे हैं हम ! *** दिल ने फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है गर फुरसत मिले तो मेरे ख्वाबों में आ जाना !

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